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Pilibhit News: निलंबित नहीं हुआ संजय तोमर, विकास भवन के सभी कार्यालयों में था दखल

Sat, 22 Feb 2025 10:20 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत। पीड़ित से चिकित्सा प्रतिपूर्ति फाइल के नाम पर 50 हजार रुपये की घूस लेते धरे गए पंचायती राज विभाग के संप्रति प्रधान सहायक संजय तोमर को अफसरों ने अब तक निलंबित नहीं किया है। जरा सी अनुशासनहीनता पर कार्रवाई करने वाले जिले के जिम्मेदार इस मामले में अलग ही तर्क दे रहे हैं। सीडीओ को भ्रष्टाचार निवारण इकाई से पत्र आने का इंतजार है।
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प्रधान सहायक संजय तोमर का अपने ही नहीं विकास भवन के अन्य कार्यालयों में दखल रहता था। इनके कार्यालय में ग्राम पंचायतों से आए कर्मचारी और अन्य लोग पूरे दिन बैठे रहते। पंचायतों की जांच समिति के गठन, अधिकार सीज और बहाली तक में इनकी भूमिका की चर्चा सुनी जा रही है।
प्रधान सहायक संजय तोमर के कार्यालय में लोगों के पहुंचने की चर्चा लंबे समय से है। मगर, अफसर मौन रहे। पिछले कुछ माह से ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों पर कार्रवाई शुरू हुई तो प्रधान सहायक के कार्यालय आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ गई। चर्चा है कि शिकायत पर जांच समिति के गठन से लेकर सीज अधिकार बहाल करने तक में प्रधान सहायक का पूरा दखल रहता था। अपने कार्यालय में मामले को निपटाकर दोषियों को आश्वस्त कर देते थे। पकड़े जाने के बाद से संजय तोमर का अफसरों के आगे-पीछे घूमना भी काफी सुर्खियों में है।
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दो अक्तूबर को दिया गया था उत्कृष्ट कर्मी सम्मान
प्रधान सहायक संजय तोमर को दो अक्तूबर 2024 को उत्कृष्ट कर्मचारी सम्मान से नवाजा गया था। जिम्मेदारों ने बड़ी सराहना की। जब अफसर इन्हें उत्कृष्टता सम्मान दे रहे थे, सेवानिवृत्त ग्राम पंचायत अधिकारी राजीव सक्सेना फाइल लेकर प्रधान सहायक के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि रुपयों की मांग भी जा रही थी।



कोई भी पटल, सब जगह संजय का दखल
पंचायती राज विभाग के संप्रति प्रधान सहायक संजय तोमर का विभाग के सभी पटल पर दखल रहता था। किसी भी पटल की पत्रावली या फाइल हो, संजय की जानकारी में रहती। दखल इतना था कि पटल के जिम्मेदार कर्मचारी अफसरों से भी कह देते कि इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारी के पास है। विकास भवन के अन्य विभागों के कार्यालयों में भी संजय के चर्चे रहते थे।

विकास भवन में संजय के पास दो कार्यालय
प्रधान सहायक की पहुंच का पता इस बात से भी चलता है कि विकास भवन के निचले तल पर संजय तोमर के दो कार्यालय हैं। एक के गेट पर प्रशासनिक अधिकारी और दूसरे पर प्रधान सहायक पंचायत अनुभाग लिखा है। एक कार्यालय मुख्य विकास अधिकारी कक्ष के सामने और दूसरा जिला विकास अधिकारी कक्ष के समीप है।

डेढ़ साल में राजीव ने विकास भवन के लगाए 40 चक्कर
पीलीभीत। चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान को सेवानिवृत्त ग्राम पंचायत अधिकारी राजीव सक्सेना ने डेढ़ वर्ष में विकास भवन के 40 से अधिक चक्कर लगाए। तत्कालीन डीपीआरओ से भी मिले, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। रुपयों की मांग के चलते प्रधान सहायक ने करीब एक वर्ष तक फाइल लटकाए रखी। प्रधान सहायक संजय तोमर चिकित्सा प्रतिपूर्ति की आधी धनराशि मांगी।

राजीव सक्सेना ने बताया कि पत्नी के गंभीर बीमार होने पर उन्होंने जून 2023 में डीपीआरओ कार्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल दी। 14 जुलाई 2023 को फाइल डीपीआरओ कार्यालय से सीएमओ को भेजी गई। 27 सितंबर को सीएमओ कार्यालय ने योग गलत होने की आपत्ति लगाकर फाइल वापस भेजी। इसके बाद प्रधान सहायक करीब पांच माह तक फाइल बेवजह दबाए बैठे रहे। आरोप है कि फाइल सीएमओ कार्यालय भेजने के नाम पर पैसों की मांग की जाती रही। बाद में उन्होंने फाइल ली और आपत्ति का निस्तारण कर वापस डीपीआरओ कार्यालय में दी। जहां से सीएमओ कार्यालय भेजी गई। सीएमओ कार्यालय से स्वीकृति के बाद संजय तोमर ने गलत सूचना लगाकर फाइल निदेशालय भेज दी। वहां से आपत्ति आने बाद उन्होंने फाइल सही कराई और वापस डीपीआरओ कार्यालय में दी। तब से अब तक फाइल यहीं है। बताया कि इस बीच उन्होंने तत्कालीन डीपीआरओ सतीश कुमार से करीब चार बार मुलाकात की। उन्होंने ध्यान नहीं दिया।
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वर्जन
पंचायत अनुभाग के प्रधान सहायक को अभी निलंबित नहीं किया गया है। भ्रष्टाचार निवारण इकाई से गिरफ्तारी या अन्य कोई पत्र आए, इसके बाद कार्रवाई होगी।
- केके सिंह, सीडीओ
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