पुलिस व भाजपा से पीलीभीत विधानसभा प्रत्याशी संजय सिंह गंगवार के बीच हुई बहस। संवाद
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पीलीभीत। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने में सिर्फ दो दिन बचे है। मंगलवार को कई प्रत्याशियों ने नामांकन कराया। कुछ उम्मीदवार बुधवार को नामांकन करने की तैयारी में हैं। भाजपा, बसपा, कांग्रेस और सपा के बड़े चेहरों समेत आठ उम्मीदवारों ने नामांकन कराए। उम्मीदवारों के साथ समर्थकों में भी जोश दिखा। नामांकन के बाद प्रत्याशियों के फूल मालाओं से स्वागत भी किया। दिन भर सियासी गहमागहमी बनी रही।
सदर सीट के लिए सिर्फ एक पर्चा भरा गया। भाजपा के उम्मीदवार संजय सिंह गंगवार ने भरा। उनके अलावा कोई अन्य दल के प्रत्याशी नामांकन करने नहीं पहुंचे। बीसलपुर से बसपा के उम्मीदवार अनीस अहमद खान उर्फ फूल बाबू, सपा की उम्मीदवार दिव्या गंगवार, भाजपा उम्मीदवार विवेक वर्मा और नैतिक पार्टी के गिरीश श्रीवास्तव ने अपना पर्चा भरा है। पूरनपुर सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार ईश्वर दयाल पासवान ने पर्चा दाखिल किया। इस सीट के लिए सिर्फ मंगलवार को एक पर्चा भरा गया। बरखेड़ा सीट के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी हरप्रीत सिंह चब्बा और सबका दल यूनाइटेड के प्रत्याशी रामकुमार ने नामांकन किया।
नामांकन कराने ट्रैक्टर से पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी हरप्रीत सिंह चब्बा
वैसे प्रत्याशी अपना लाव लश्कर लेकर नामांकन कराने पहुंचते हैं। गाड़ियों का काफिला उनके साथ नजर आता है लेकिन बरखेड़ा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी हरप्रीत सिंह चब्बा कुछ अलग अंदाज में नामांकन कराने पहुंचे। वह समर्थकों के साथ ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। ट्रैक्टर भी वह खुद चला रहे थे। बेरिकेडिंग के पास उन्होंने अपना ट्रैक्टर रोक फिर वहां से नामांकन कक्ष तक गए। बाद में किसानों के लिए संघर्ष करने का संदेश दिया।
समर्थकों को रोके जाने पर उम्मीदवारों की पुलिस के साथ हुई नोकझोंक
पीलीभीत। सदर सीट से भाजपा के उम्मीदवार व सदर विधायक संजय सिंह गंगवार नामांकन के लिए पहुंचे तो उनके साथ कुछ समर्थक भी जाने की कोशिश कर रहे थे। उनमें कुछ लोग अंदर भी पहुंच गए। पुलिस ने रोका तब बहसबाजी शुरू हो गई। एक दो मिनट तक माहौल गरमाया लेकिन जब विधायक ने समर्थकों को समझाया तब मामला शांत हुआ।
इसके बाद कांग्रेस के उम्मीदवार ईश्वर दयाल पासवान ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी के लिए कोई नियम नहीं अपनाया गया तो पुलिस ने जवाब दिया। आरोपों को गलत बताया कुछ देर के लिए गहमागहमी हुई पर कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थक मान गए। इनके बाद हरप्रीत सिंह चब्बा पहुंचे। उन्होंने प्रशासन और पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाया। इसके बाद बीसलपुर के बसपा के उम्मीदवार अनीस अहमद खां उर्फ फूल भी नामांकन कराने पहुंचे थे। जब उनके समर्थकों को अंदर जाने से रोकने का प्रयास हुआ तो वह उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायक साथ जो लोग गए उनको नहीं रोका जा रहा था बाकी को क्यों रोक रहे हैं? इसी को लेकर पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस का कहना था जितने लोगों की अनुमति है सिर्फ उतने ही अंदर जा सकते हैं। भाजपा के लोगों को भी रोका गया था। पुलिस का दावा था कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है।