जिले में बिना किसी शासनादेश के समाजवादी पेंशन के आवेदन जमा किए जा रहे
हैं। इसको लेकर नगरपालिका में काफी भीड़ उमड़ रही है। यहां जमा हो रहे कई
फार्म पर आवेदक के फोटो तो राज्यमंत्री के कैंप कार्यालय से प्रमाणित होकर आ
रहे हैं। वहीं अधिकारी पेंशन योजना के लिए किसी भी प्रकार आवेदन मांगने से
इंकार कर रहे हैं।
गरीब और बेसहारा लोगों को प्रदेश सरकार ने 500 रुपये
प्रति माह के हिसाब से समाजवादी पेंशन शुरू की है। एक साल पहले शुरू की गई
इस योजना में प्रारंभ से ही गड़बड़ी हो रही है। इसको लेकर डीएम ने पिछले
दिनों इसका पटल भी बदल दिया था। अब शहर में बड़ी संख्या में लोग पेंशन
योजना का लाभ लेने को नए सिरे से आवेदन कर रहे हैं। नगरपालिका कार्यालय में
इसको लेकर पिछले पांच दिनों से मारामारी मची है। इस बाबत जब आवेदकों से
पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पेंशन योजना के फार्म दुकानों से मिल रहे
हैं और भरकर जमा रहे हैं। ईओ अरुणमणि त्रिपाठी का कहना है कि समाज कल्याण
अधिकारी से मौखिक निर्देश पर फार्म जमा किए जा रहे हैं। बिना किसी शासनादेश
के जमा हो रहे इन आवेदन फार्मों में सबसे दिलचस्प है। आवेदकों के फोटो
राज्यमंत्री के कैंप कार्यालय से प्रमाणित हो रहे हैं। शनिवार को नगरपालिका
में आवेदन जमा करने उमड़ी भीड़ में हंगामा हो गया। इस पर ईओ ने बमुश्किल
लोगों को शांत कराया। इस बाबत जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश शर्मा ने
बताया पिछले साल जो आवेदन भरे गए थे उनमें पूरे जिले में करीब पांच हजार
आवेदनों में त्रुटियां होने पर उन्हें ठीक कराया जा रहा है। नए आवेदन जमा
करने का कोई आदेश नहीं हैं। वहीं समाजवादी पेंशन योजना का पटल देख रहे डीसी
मनरेगा डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने भी नए आवेदन जमा किए जाने के आदेश से
इंकार किया है।