पीलीभीत। रोडवेज बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई ऑनलाइन टिकट व्यवस्था नेटवर्क की खराबी के कारण परेशानी का सबब बनती जा रही है। कई बार यात्री ऑनलाइन भुगतान तो कर देते हैं, लेकिन नेटवर्क फेल होने के कारण टिकट नहीं बन पाता है। ऐसे में यात्रियों और परिचालकों के बीच बहस और नोकझोंक की स्थिति बनती है।
परिवहन निगम ने नकदी रहित लेनदेन को बढ़ावा देने और टिकट व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीनों (ईटीएम) के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू की है। यात्री यूपीआई, क्यूआर कोड और अन्य डिजिटल माध्यमों से किराया जमा कर रहे हैं, लेकिन कई मार्गों पर खराब नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण भुगतान की प्रक्रिया बीच में अटक जाती है।
यात्रियों का कहना है कि उनके बैंक खाते से रकम कट जाती है, लेकिन टिकट जारी नहीं होता। ऐसे में उन्हें दोबारा भुगतान करने के लिए कहा जाता है, इससे विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। यात्रियों को अपने कटे हुए रुपये वापस आने का इंतजार करना पड़ता है, जबकि यात्रा के दौरान उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर परिचालकों का कहना है कि नेटवर्क संबंधी समस्या उनके नियंत्रण से बाहर है।
भुगतान का संदेश या टिकट जेनरेट न होने की स्थिति में वे बिना टिकट यात्रा की अनुमति नहीं दे सकते। इसी वजह से कई बार यात्री और परिचालक आमने-सामने आ जाते हैं। यात्रियों ने मांग की है कि जब तक नेटवर्क पूरी तरह सुचारु नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए। एआरएम प्रांशु पाठक ने बताया कि नेटवर्क की दिक्कत है। इस समस्या को लेकर अफसरों को जानकारी भी दी गई है। संवाद