कलीनगर। माधोटांडा से कलीनगर होकर पीलीभीत जाने वाले मार्ग पर 24 घंटे में रोडवेज की एक भी बस नहीं चलती। इसलिए वाशिंदों को डग्गामार वाहनों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। तमाम मांगों के बावजूद रोडवेज की परिवहन सुविधाएं नहीं मिल सकीं हैं। चालीस रुपये प्रति व्यक्ति किराया देने के बावजूद सफर कष्टकारी रहता है और जान भी जोखिम में रहती है।
कलीनगर तहसील के लोगों को शासन की परिवहन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। माधोटांडा की तीस हजार और कलीनगर की दस हजार आबादी के अलावा माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर कई गांव ऐसे हैं। जिन्हें परिवहन सुविधा नहीं मिल पाती है। अधिकांश लोग की जरूरत जिला मुख्यालय पर जाए बिना पूरी नहीं होती। आने जाने के लिए डग्गामार वाहनों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। माधोटांडा से चालीस रुपये प्रति व्यक्ति और कलीनगर से 35 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से किराया वसूला जाता है। खास बात यह है कि पुरुष तो जैसे-तैसे सफर काट लेते हैं, लेकिन महिलाओं को ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसा तब है जब क्षेत्र के जागरूक लोगों ने कई बार अफसरों और विधायक से रोडवेज की बस सेवाएं बढ़ाने की मांग की। अभी कलीनगर से पीलीभीत के लिए 24 घंटे में रोडवेज की सिर्फ दो बस सेवाएं हैं। स्थानीय लोगों का सवाल यह है कि इस अव्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है और जवाबदेही कब तय होगी।