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पाइप लाइन के लिए सड़कें खोदने के बाद साहब भूल ही गए जानलेवा गड्ढे

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पीलीभीत। हर घर में पानी की सप्लाई देने के लिए बरसात का मौसम शुरू होने से पहले जल निगम ने पाइप लाइन डालने के लिए शहर की सड़कें खोदी थीं। इनमें कुछ तो मिट्टी भरकर जैसे-तैसे खानापूरी कर दी गई। अधिकांश सड़कों की मरम्मत नहीं हुई। इससे मुख्य मार्गों पर सड़कों के बीचोबीच या किनारे गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। बरसात होने पर इनमें पानी भरता है तो साइकिल, बाइक या कार निकालने पर गिरने का खतरा बना रहता है। रात में जरा सी चूक हो जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। अगर जिम्मेदार अफसर शहर में भ्रमण पर निकलते तो वे सड़कों का जख्म और जनता का दुख दर्द सही से समझ पाते।
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शहर में नगरपालिका ने 242 किलोमीटर लंबी सड़के बनाई हैं। इनमें मुख्य मार्गों के अलावा गली मोहल्लों की सड़कें भी हैं। मुख्य मार्गों की लंबाई 20 किलोमीटर है। बरसात के मौसम में इनसे निकला मुश्किल है। अधिकांश सड़कें उखड़ी हुई हैं। बरसात में इनकी हालत ऐसी हो चुकी है कि जरा सी चूक होने पर बाइक और साइकिल चालक हादसे के शिकार हो सकते हैं। नगरपालिका अफसरों का कहना है कि बड़े गुरुद्वारा वाली सड़क छोड़कर शहर की बाकी सड़कें ठीक हैं। मगर, हकीकत सब जानते हैं। जल निगम ने बरसात शुरू होने से पहले पानी की पाइप लाइन डालने के लिए सड़कों और गलियों को खोद डाला था। उसके बाद इन्हें ठीक करने की सुध नहीं ली गई।
अमर उजाला की टीम ने रविवार को शहर की प्रमुख सड़कों को मौके पर जाकर देखा तो इनमें गौहनिया चौराहे से सुनगढ़ी थाने जाने वाली रोड, नगरपालिका रोड, स्टेशन रोड, यशवंतरी मंदिर रोड, काला मंदिर रोड, लाल रोड, गौरीशंकर मंदिर रोड, रोडवेज रोड, दूधिया मंदिर, सुनगढ़ी से डिग्री कॉलेज को जाने वाली सड़कें उखड़ी पड़ी मिलीं। अमृत योजना के तहत शहर में पाइप लाइन डालने के बाद भी नखासा, गोपाल सिंह, बाग गुलशेर खां समेत कई इलाकों की सड़कें और गलियों की मरम्मत नहीं की गई। बरसात में सड़क किनारे या बीचोबीच में इन गड्ढों में पानी भरने से रात के अंधेरे में दुघर्टना का खतरा बढ़ गया है। कई माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इनकी मरम्मत तक नहीं कराई गई है।
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केस एक
स्थान - लेखराज चौराहा
मोहल्ला बाग गुलशेर खां निवासी मिश्री लाल का कहना है कि पाइप लाइन डालने के लिए सड़क को खोदा गया था। पिछले दो माह से पाइप लाइन में लीकेज है। इससे गड्ढे में पानी भरा रहता है। राहगीरों में हादसे का डर बना है।
केस दो
स्थान - गौहनिया चौराहा रोड
यहां के गिरीश वर्मा का कहना है कि गौहनिया चौराहे से सुनगढ़ी थाने तक सड़क कई जगहों से उखड़ चुकी है। हालत ऐसी हो गई है कि यहां से निकलना मुश्किल है। एंबुलेंस जल्दी में आती है तो गड्ढे देखकर उसकी भी स्पीड कम हो जाती है।
केस तीन- 12
स्थान - यशवंतरी मंदिर रोड
जोशी टोला निवासी सूरज राठौर कहते हैं कि यशवंतरी मंदिर से गैस चौराहे की तरफ जाने वाली सड़क बुरी तरह उखड़ी है। कई जगह गड्ढे होने से दुर्घटना का अंदेशा है। मंदिर के सामने एक माह से पाइप लाइन में लीकेज होने से पानी बह रहा है।
केस चार- 13
स्थान -राजाबाग कॉलोनी
राजाबाग कॉलानी के टीकाराम का कहना है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह पता नहीं चलता। आए दिन मार्ग पर वाहन पलटते रहते हैं। बरसात में जलभराव होने से खतरा बढ़ जाता है। नगरपालिका बेसुध है।
सड़कें पाइप लाइन डालने के लिए जल निगम ने तोड़ी थीं। मरम्मत करने के लिए ठेकेदार को नोटिस भेजा जा चुकी है। रोडवेज स्टैंड और गुरुद्वारे वाली सड़कों के निर्माण का टेंडर भी हो चुका है। बाकी सड़कें जल्द ठीक होंगी। -निशा मिश्रा, ईओ, नगरपालिका
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