कलीनगर। जंगल में बाघ, तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों के व्यवहार में परिवर्तन और बीमार होने की स्थिति में रेस्क्यू सेंटर ऐसे वन्यजीवों का सहारा बनेगा। वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर खोले जाने की सीएम ने न केवल सौगत दी, बल्कि दस जून को लखनऊ में वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास भी कर दिया।
पूरनपुर के गोपालपुर में सामाजिक वानिकी वाले क्षेत्र में चिह्नित की गई चार हेक्टेयर जमीन पर रेस्क्यू सेंटर खोला जाएगा। इसके कार्य की जिम्मेदारी सीएनडीएस संस्था को सौंपी गई है। दो चरणों में करीब दस करोड़ की लागत से रेस्क्यू सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। रेस्क्यू सेंटर खोले जाने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ, तेंदुए समेत वन्यजीवों की सुविधा काफी बेहतर हो जाएगी।
पीलीभीत के जंगलों को वर्ष 2014 में टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। कोर और बफर जोन में बांटने के साथ जंगल में इंसान की दखलदाजी पर भी विराम लग गया। टाइगर रिजर्व के नियम और कानून को लागू कर दिया गया। टाइगर रिजर्व बनने से शुरूआत में जंगल से सटे इलाकों के ग्रामीणों को खासी परेशानी हुई। मानव वन्यजीव संघर्ष भी पैदा हो गया। वहीं वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगा।
हालांकि स्थिति बिगड़ने के बाद अफसर गंभीर हुए। शासन स्तर पर पत्राचार करने के बाद बजट आवंटित कराकर संसाधनों को पूरा किया जाने लगा। जंगल सीमा पर तारफेंसिंग का कार्य भी कराया गया। इधर अनुकूल वातावरण के चलते जंगल में बाघ, तेंदुए समेत वन्यजीवों की संख्या में इजाफा होता गया, लेकिन संसाधनों की कमी होने से वन्यजीवों की सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं हो सके। रेस्क्यू की स्थिति में वन्यजीवों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा।
रेस्क्यू सेंटर न होने से अनुमति लेने के बाद वन्यजीवों को बाहर भेजने की जुगत अफसरों को झेलनी पड़ी। इधर लंबे समय से जारी रेस्क्यू सेंटर की मांग को पूर्व में शासन ने मंजूरी दी। पूरनपुर क्षेत्र में सामाजिक वानिकी के दायरे में जमीन को चिह्नित किया गया। दो चरणों में कार्य को पूरा कराने की सीएनडीएस संस्था को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हिंसक और घायल स्थिति में पाए जाने वाले वन्यजीवों को रेस्क्यू सेंटर में रखा जाएगा।
रेस्क्यू सेंटर खुलने से यह मिलेंगे लाभ
प्रस्तावित रेस्क्यू सेंटर में वन्यजीवों के रहने के लिए बाड़े, फीडिंग चैंबर, मेडिकल सुविधाएं कीपर्स आदि मुहैया कराए जाएंगे। इसके अलावा तालाब भी विकसित किए जाएंगे। वन्यजीवों को पानी की कमी महसूस न हो सके। इसके लिए तालाबों में सोलर पंप लगाकर से पानी भरा जाएगा। इसके अलावा अन्य जरूरी सुविधाएं रेस्क्यू सेंटर पर मुहैया कराई जाएंगी। 000
पूरनपुर क्षेत्र में प्रस्तावित वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर का जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। सीएनडीएस संस्था को शासन स्तर से कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दो चरणों में करीब दस करोड़ की लागत से रेस्क्यू सेंटर तैयार किया जाएगा। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
कितने करोड़ से बनेगा रेस्क्यू सेंटर