न्यूरिया। क्षेत्र के ग्राम रामपुर बौरख स्थित रपटा पुल का एक हिस्सा तीन दिन पहले धराशायी हो गया था। इसके बाद 25 गांवों की 30 हजार से अधिक आबादी का आवागमन प्रभावित हो गया। पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने पहले इसका संज्ञान नहीं लिया। अमर उजाला ने लोगों की परेशानी से जुड़ी इस खबर को 22 और 23 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी इंजीनियर हरकत में आए और पुल का मरम्मत कार्य शुरू कराया गया।
क्षेत्र के ग्राम रामपुर बौरख में रपटा पुल के धराशायी होने के बाद पैदल, दो पहिया और चार पहिया वाहनों का आवागमन ठप हो गया था। बरसात के मौसम में 25 गांवों की 30 हजार से अधिक की आबादी को करीब 15 किलोमीटर घूमकर न्यूरिया आना पड़ने लगा। पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों की नींद आखिर टूटी और बृहस्पतिवार को मरम्मत कार्य शुरू कराया जो शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इंजीनियरों का कहना है कि अभी पुल पर एक दिन मरम्मत कार्य और होगा। जिसके बाद ही आवागमन सुचारु हो सकेगा। हालांकि अभी फौरी तौर पर दो पहिया वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। रपटा पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का काम अभी शेष रह गया है। यह संभवत: शनिवार तक पूरा हो जायेगा। कांग्रेस नेता शकील नूरी और नगर पंचायत न्यूरिया के चेयरमैन पति अब्दुल फय्यूम ने बड़ी आबादी के आवागमन की वजह से बड़े पुल का निर्माण करने की मांग की है।