बरखेड़ा। मजदूर मूलचंद की हत्या के मामले में छानबीन के बाद पुलिस केस के खुलासे तक पहुंच गई। प्रेम प्रसंग से खफा प्रेमिका के परिवार वालों ने ही गला दबाकर हत्या करने के बाद उसके हाथ-पैर बांधकर कुएं में फेंक दिया था। हत्या को अंजाम देने के लिए गांव के एक युवक को 50 हजार रुपये का लालच देकर शामिल किया गया। फिर उसी से मजदूर को फोन कराकर बहाने से बुलवाया था, हत्याकांड का खुलासा करते हुए इस युवक जेल भेज दिया गया है। प्रेमिका के पिता समेत तीन रिश्तेदारों की धरपकड़ नहीं हो सकी है।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के जिरौनिया गांव निवासी 17 वर्षीय मजदूर मूलचंद की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। 15 जुलाई की रात अचानक लापता होने के बाद उसका सड़ा-गला शव 22 जुलाई को गांव के बाहर कुएं में पड़ा मिला था। परिवार वालों ने प्रेम प्रसंग में हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने गांव के ही नरेश, प्रेमिका के पिता जंगरौली गांव निवासी लाल सिंह, फुफेरा भाई नवाबगंज बरेली के गांव बुखारपुर निवासी राहुल के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। नामजद नरेश को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन उसकी संलिप्तता नहीं मिली।
इसके बाद पुलिस ने प्रेमिका के परिवार को लेकर छानबीन तेज की। जिरौनिया गांव के ही निवासी पंचमलाल को पकड़ा। उससे सख्ती से पूछताछ की तो हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में देर नहंीं लगी। इंस्पेक्टर कमल सिंह ने बताया कि प्रेमिका के पिता, फुफेरा भाई के अलावा मौसा जिरौनिया गांव निवासी वीर सिंह ने ही पकड़े गए पंचमलाल की मदद से हत्या की थी। पंचमलाल को वीर सिंह ने 50 हजार रुपये का लालच देकर शामिल किया था। फिर पंचमलाल ने ही मूलचंद को फोन कर बहाने से बुलाया और हत्या कर दी गई।
15 जुलाई की रात ही कर दी गई थी घटना
पकड़े गए आरोपी पंचमलाल ने पूछताछ में बताया कि घटना 15 जुलाई की रात को ही कर दी गई थी। उसने फोन करके मूलचंद को एक ईंट भट़्ठे पर बुलाया था। वहां पहले से मौजूद प्रेमिका के तीनों रिश्तेदारों ने हत्या कर दी। उसे तय किए गए 50 हजार रुपये भी नहीं दिए गए।