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पीलीभीत के सियासी मिजाज को समझते हैं राजनाथ सिंह, पहले भी कई बार चुनाव में आए

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पीलीभीत। जिले के सियासी मिजाज को राजनाथ सिंह को भलीभांति समझते हैं। अतीत में चुनाव के समय उनके राजनीतिक दौरे होते रहे हैं। शायद इसी वजह एक बार फिर उनका दौरा यहां लगा है। पीलीभीत जिले में 2017 से भाजपा के पास जिले की चारों सीटें हैं। इसलिए इन सीटों को भाजपा में बनाए रखने की चुनौती है। राजनाथ सिंह का दौरा इस मामले में अहम माना जा रहा है। राजनाथ सिंह का डोर टू डोर संपर्क और एक कार्यक्रम में मतदाता से सीधा संवाद रखने के पीछे भी मतदाता को भाजपा से जोड़े रखने की मंशा है।
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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री के रूप में भले ही पहली बार पीलीभीत आ रहे हों लेकिन इससे पहले वह कई बार आ चुके हैं। अमरिया, पीलीभीत, पूरनपुर में उनके दौरे हुए हैं। अपने दौरे के समय उनका कुछ लोगों के घरों तक आना-जाना रहा है। राजनाथ सिंह कल्याण सिंह मंत्रिमंडल में शिक्षा मंत्री थे तब बीसलपुर के विधायक रामसरन वर्मा भी मंत्री थे। संगठन के नेता और मंत्री के रूप में वह कई बार पीलीभीत जिले में आए।
शहर विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार बीके गुप्ता के चुनाव प्रचार के लिए वह हेलिकॉप्टर से अमरिया में जनसभा संबोधित करने आए थे। उनके साथ मंच पर मेनका गांधी भी मौजूद रहीं थीं। वह पीलीभीत नगर में रामस्वरूप पार्क में भी पार्टी के पक्ष में बड़ी सभा कर चुके हैं। पूरनपुर और बीसलपुर में भी वह चुनाव में आ चुके हैं। पीलीभीत नगर में भाजपा संगठन की बैठक लेने भी आए थे। शहर से तीन बार विधायक रहे बीके गुप्ता से उनके पारिवारिक संबंध थे। बीते वर्ष वीके गुप्ता का निधन हो चुका है। बीके गुप्ता के पुत्र अंकुर गुप्ता ने बताया कि उनके पिता के चुनाव प्रचार में राजनाथ सिंह कई बार पीलीभीत आए। वह पीलीभीत जिले के कई नेताओं को नाम और शक्ल से भली-भांति पहचानते हैं। उनका आगमन भाजपा के चुनाव अभियान को रफ्तार देगा।
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आरटीपीसीआर जांच निगेटिव होने पर ही रक्षा मंत्री के करीब तक पहुंच पाएंगे
जिन भाजपा नेताओं की आरटीपीसीआर जांच निगेटिव होगी वही नेता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के करीब पहुंच पाएंगे। उनके मंच पर मौजूद रहने वाले नेताओं और उनका स्वागत करने वाले नेताओं की आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही उन्हें रक्षा मंत्री के आसपास पहुंचने का मौका मिलेगा। जांच कराने वालों में चार उम्मीदवार जिला संगठन के अलावा उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन के अध्यक्ष सुरेश गंगवार, पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता आदि शामिल हैं।
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