पीलीभीत। कई दिनों से भीषण गर्मी से बेहाल लोगों को रविवार तड़के शुरू हुई बारिश से काफी राहत मिली है। दिनभर रुक-रुक हुई बारिश से शहर के नाले उफना गए। इससे जलभराव की स्थिति बन गई। जलभराव से नालों की गंदगी सड़कों पर आ गई। इससे आवागमन में लोगों को परेशानी हुई। हालांकि इस बारिश से फसलों को काफी लाभ मिला है। जिससे किसानों के चेहरे खिल गए। पूरे दिन मौसम खुशनुमा बना रहा।
उत्तराखंड से लगे तराई इलाके पीलीभीत में मानसून ने दस्तक दे दी है। इससे रविवार को तड़के बारिश शुरू हो गई। पूरे दिन रुक-रुक कर बरसात होती रही। सुबह करीब नौ बजे से बरसात होने लगी। पानी से बचने के लिए लोग सड़क किनारे शेड के नीचे खड़े हो गए, लेकिन पानी की रफ्तार कम नहीं हुई। करीब एक घंटे तक जमकर पानी बरसा, जिससे शहर में जगह-जगह नालियां उफना गईं और पानी सड़कों पर जमा हो गया। निकासी नहीं हो पाने के कारण पानी धीरे-धीरे निचले इलाकों में घरों में घुस गया।
शहर के मोहल्ला डालचंद, बेनी चौधरी, मोहम्मद फारुख, पंजाबियान, फीलखाना, वाटर वर्क्स, भूरे खां, साहूकारा समेत कई निचले मोहल्लों में पानी भर गया है। हालांकि लोगों ने पानी निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके अलावा साहूकारा, अग्रवाल सभा, इमली चौराहा समेत कई इलाकों में पानी भर गया। जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई।
कीचड़ बनी मुसीबत
शहर के सब्जी मंडी से तहसील मार्ग पर सब्जी का कचरा पड़ा रहता है। बरसात में कचरा सड़क पर फैल गया, इससे वहां से निकलने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक फिसलकर चोटिल होने से बाल-बाल बचे।
नालियां- नाले उफनाए
शहर का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं था, जहां बरसात के कारण नालियों को पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर नहीं फैल रहा हो। शिवाजी कॉलोनी समेत नगर स्थित मुख्य मार्ग पर छोटी-छोटी नालियां होने के कारण सड़क पर पानी फैल गया। जिससे राहगीरों को परेशानी हुई।
गड्ढों ने किया परेशान
जल निगम के द्वारा सड़कों पर पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढ़े लोगों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। शहर के जोशीटोला, ठेका चौकी, डालचंद, बागगुलशेर खंा, पंजाबियान, आवास विकास कॉलोनी समेत कई करीब 10 मोहल्ले हैं, जहां गली मोहल्ले की सड़कें बदहाल हैं।
बीसलपुर। तड़के शुरू हुई बारिश दिन भर रूक- रूककर होती रहीं। जिससे मौसम काफी खुशगवार हो गया। लोगों ने भीषण गर्मी से राहत महसूस की। इधर, बारिश से कई स्थानों पर जलभराव हो गया। वहीं, बारिश से फसलों को फायदा हुआ है। किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
पूरनपुर। बारिश से भीषण गमी से लोगों को राहत मिली। वहीं धान और गन्ना की फसल को लाभ हुआ। पिछले कई दिनों से लोग भीषण गर्मी झेल रहे थे। बादल छाने के बाद भी बारिश नहीं हो रही थी। भीषण गर्मी के चलते धान और गन्ना की फसल की सिंचाई को किसान परेशान थे। बार-बार सिंचाई से फसलों की लागत बढ़ती जा रही थी। रविवार सुबह करीब तीन बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी दोपहर बाद तक जारी रही। इससे गर्मी से लोगों ने राहत महसूस की। किसान भी फसलों की सिंचाई होने से खुश दिखे।
बारिश से धान की फसल को काफी फायदा हुआ है। पिछले करीब एक माह से बारिश न होने से धान की फसल सूखने लगी थी। अब धान की फसल काफी अच्छी होने के आसार बन गए हैं। - मुनेंद्र सिंह, किसान, गांव खनंका
एक माह से बारिश न होने से गन्ने की फसल मुरझाने लगी थी। कुछ किसान तो गन्ने की सिंचाई करने लगे थे, लेकिन गरीब किसानों ने अभी तक सिंचाई शुरू नहीं की थी। बारिश से गन्ना और धान की फसल को फायदा मिलेेगा। - छात्रपाल, किसान, अमरा करोड़
बारिश न होने से धान और गन्ना की फसल की लागत बार-बार सिंचाई करने से बढ़ती जा रही थी। मगर इसके बाद भी फसलों की पर्याप्त सिंचाई नहीं हो पा रही थी। बारिश से धान और गन्ना की फसल को लाभ हुआ है। - स्वराज सिंह, पिपरिया दुलई
डीजल के बढ़े रेट से फसलों की लागत तो पहले से बढ़ गई है। मगर बारिश न होने से धान की फसल सूखने लगी थी। गन्ना में भी सिंचाई करनी पड़ रही है। बारिश होने से कुछ दिनों के लिए सिंचाई से राहत मिली है। - रंजीत सिंह, कढेरचौरा
फसलों को फायदा, किसी को नहीं हो नुकसान
कृषि वैज्ञनिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि मानसूनी बारिश होने से फसलों को फायदा मिलेगा। प्राकृतिक जल मिलने से फसल अच्छी होगी। बारिश होने से किसानों को किसी तरह का कोई नुकसान नही है।