पीलीभीत। पूर्वोत्तर रेलवे में कार्यरत कर्मचारी, सेवानिवृत रेलकर्मी और उनके परिवार वाले अब किसी भी रेलवे अस्पताल में अपना इलाज करा सकेंगे। इसके लिए स्थानीय रेलवे अस्पताल को भी ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी गई है। यह सुविधा देने के लिए जोन के सभी रेलवे अस्पतालों में हॉस्पिटल इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (एचआइएमएस) लागू किया जा रहा है।
स्थानीय रेलवे अस्पताल में रोजाना करीब 50 मरीज ओपीडी में आते हैं। वर्तमान में यहां एक डॉक्टर और फार्मासिस्ट समेत अन्य स्टाफ तैनात है। अब सभी रेलवे अस्पतालों को हॉस्पिटल इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा। रेल अधिकारियों के मुताबिक इस सिस्टम के जरिये रेलवे के सभी अस्पताल आपस में ऑनलाइन जुड़ जाएंगे। रेल कर्मी अपना उम्मीद कार्ड दिखाकर किसी भी रेलवे अस्पताल से अपना इलाज करा सकेंगे। ये उम्मीद कार्ड जल्द ही वितरित किए जाएंगे। इन कार्ड में रेलकर्मी का समस्त विवरण दर्ज रहेगा। हॉस्पिटल इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम में कार्ड का कोड डालते ही संबंधित रेलकर्मी का पूरा विवरण सामने आ जाएगा। स्थानीय रेलवे अस्पताल को ऑनलाइन करने के लिए उपकरण आ चुके हैं। जल्द ही सभी अस्पताल को हॉस्पिटल इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़कर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा। सिस्टम के तहत आउटडोर या इनडोर मरीजों को ऑनलाइन टोकन जारी होगा। मरीज टोकन के जरिए संबंधित डॉक्टर से संपर्क कर उनसे परामर्श ले सकेंगे। इसके अलावा डॉक्टर मरीज को दवा लिखकर उसे ऑनलाइन फारवर्ड भी कर सकेंगे। यानी मरीज को दवा का भी पर्चा नहीं लिखवाना पड़ेगा। वहीं, गंभीर बीमारी वाले मरीज जरूरत पड़ने पर अपने घर से ही संबधित डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श ले सकेंगे।
इज्जतनगर मंडल के सभी रेलवे अस्पतालों को हॉस्पिटल इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इस सुविधा से रेलकर्मी और उनके परिवार के सदस्य जोन के किसी भी रेलवे अस्पताल में अपना इलाज करा सकेंगे। पीलीभीत के रेलवे अस्पताल को ऑनलाइन करने की कवायद तेजी से शुरू कर दी गई है। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल