अमरिया। ड्यूनीडैम से निकलने वाली देवहा वैगुल फीडर नहर पर बने ग्राम तिरकुनिया नसीर के पुल की हालत जर्जर होती जा रही है। चार माह पूर्व पुल की एक ओर की रेलिंग टूटने के बाद आवागमन आंशिक रूप से बंद कर दिया गया था। शुक्रवार की सुबह दूसरी ओर की रेलिंग भी टूटकर नहर में गिर गई। अब छोटे वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह रोक दी गई है।
बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे से ग्राम हर्रायपुर और तिरकुनिया नसीर होकर मझोला जाने वाले मार्ग पर स्थित यह पुल लगभग 100 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। यह मार्ग नेशनल हाईवे से जुड़ा होने के कारण पहले यहां से भारी और हल्के वाहनों का लगातार आवागमन रहता था। ओवरलोड वाहनों की आवाजाही के चलते 21 जून की रात पुल की रेलिंग गिर गई थी। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर रेत भरी बोरियों लगाकर आवागमन रोक दिया गया था। बाद में दीवार बनाकर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था। केवल छोटे वाहनों को ही गुजरने की अनुमति थी। अब दूसरी ओर की भी रेलिंग गिरने से यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत रेत भरी बोरियां लगाकर पुल से आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही रेलिंग की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा, ताकि मार्ग को फिर से खोला जा सके।