पूरनपुर। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में बाघ को बेहोश कर पकड़ने के लिए बुधवार को पूरे दिन टीमें तलाश में जुटी रहीं। तीन स्थानों पर पिंजरा भी लगाया गया है। मगर बाघ न तो पिजरों के पास गया और न ही बेहोश किया जा सका। हालांकि बाघ के गन्ने के खेत से निकलकर जंगल की ओर भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
रविवार को बाघ ने गांव चतीपुर के समीप गन्ने की सिंचाई कर रहे गांव निवासी रामप्रसाद को मार डाला था। इससे पांच दिन पूर्व घटनास्थल से करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर बाघ ने 12 मई की रात गांव नजीरगंज निवासी किसान हंसराज पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। बाघ महीनों से सुल्तानपुर, नजीरगंज, चतीपुर, पिपरा, पटिहन आदि गांवों में चहलकदमी कर रहा है।
दो किसानों पर हमला कर मारने वाले बाघ को बेहोश कर पकड़ने की स्वीकृत मिली। बुधवार को खुटार रेंजर मनोज कुमार के नेतृत्व में टीम जंगल किनारे के खेतों में पहुंची। रेंजर ने बताया कि इसके अलावा तीन स्थानों पर बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगवाए गए हैं। बताया कि बुधवार को सुबह जंगल से कुछ दूरी पर एक गन्ने के खेत में बाघ दिखने की जानकारी मिली। मगर बाद में बारिश हो जाने से बाघ की जंगल के बाहर लोकेशन नहीं मिल सकी।
सुरक्षा बढ़ाई, रेंजर ने पिटाई की नहीं दी तहरीर
मंगलवार को टीम के साथ गांव चतीपुर के समीप पहुंचे खुटार रेंजर की लोगों ने पिटाई कर दी थी। रेंजर को बचने के लिए वॉचर की बाइक पर सवार होकर भागना पड़ा था। रेंजर ने टीम को घेरने का आरोप भी ग्रामीणों पर लगाया था। हालांकि पुलिस ने घटना से इन्कार किया था। रेंजर ने पिटाई के मामले में दूसरे दिन पुलिस को तहरीर नहीं दी। बताया कि क्षेत्र में घूमने के दौरान उनके साथ पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है।