पीलीभीत। इको सेंसिटिव जोन के 10 किमी. दायरे में पक्के निर्माण को लेकर फिलहाल पीटीआर प्रशासन की ओर से सख्ती बढ़ा दी गई है। इसको लेकर पीटीआर के डीएफओ ने सभी पांचों रेंज अधिकारियों को पत्र लिखकर आदेश पर अमल करने के आदेश दिए हैं। पक्के निर्माण को रोकने के साथ उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर विधिक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
टाइगर रिजर्व से सटे 11 किमी दायरे को इको सेंसिटिव मानकर कोर्ट ने वर्ष 2022 में किसी भी प्रकार के पक्के निर्माण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश के बीच पीटीआर से सटे इलाके में लगातार निर्माण होते रहे। होम स्टे समेत अन्य होटल आदि विकसित किए गए।
जनपद के अलावा दूर दराज इलाके के रहने वाले कई अन्य लोगों ने होम स्टे विकसित करने के लिए जमीन खरीदकर डाल दी। पिछले दिनों इस मामले में पीटीआर प्रशासन ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर गंभीरता बरतना शुरू कर दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार इको सेंसिटिव जोन के 10 किमी. दायरे में पक्के निर्माण पर रोक लगा दी गई।
इस बाबत डीएम को पत्र भेजकर पक्के निर्माण रुकवाने का अनुरोध भी किया गया। इधर, पीटीआर प्रशासन ने आदेश पर अमल करते हुए रेंज अधिकारियों को भी पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार जंगल से सटे 10 किमी. दायरे में किसी भी प्रकार का पक्का निर्माण न हो सके।
अगर कोई पक्का निर्माण करता है जो चिह्नित कर पुलिस और राजस्व विभाग का सहयोग लेकर उसे रुकवाया जाए। इसके साथ ही न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने पर विधिक कार्रवाई को भी अमल में लाया जाए। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में रेंज अधिकारियों को पत्र लिखकर गंभीरता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। दायरे में पक्का निर्माण की सूचना देने के साथ उसे रुकने के निर्देश भी दिए गए हैं।