पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में दवा वितरण कक्ष पर लगी लाइन।संवाद
पीलीभीत। मौजूदा समय में धान की फसल की कटाई चल रही है। ऐसे में किसानों को विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। धान की कटाई के दौरान कई बार उससे उड़ने वाली धूल व बाली आंख में पड़ जाने से दिक्कत हो जाती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग कक्ष में इस समय मरीजों की काफी भीड़ लग रही है। अन्य दिनों की अपेक्षा करीब डेढ़ गुना अधिक मरीज इस समय उपचार के लिए पहुंच रहे है।
मौजूद समय में धान की कटाई चल रही है। ऐसे में कई किसानों के आंखों में उसकी धूल व बाली चले जाने से चोट लग जाती है। कुछ देर के लिए तो आंख महज लाल लगती है, लेकिन यह लालपन बाद में जख्म बना देता है। जो धीरे-धीरे आंख की पुतली पर असर डालने लगता है।
ऐसे में खेतों पर काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जिला अस्पताल में भी रोजाना करीब 30-40 मरीज इसी परेशानी को लेकर पहुंचते है। नेत्र चिकित्सक डॉ. एसके चावला ने बताया कि रोजाना ऐसे मरीज उपचार के लिए पहुंचते है। सावधानी बरतने की जरूरत है।
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यह बरतें सावधानी
- फसल कटाई के दौरान मुंह को ढककर रखें, साथ ही आंखों पर धूप का चश्मा लगाएं।
- किसी तरह की दिक्कत होने पर आंख को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोएं।
- खेत पर जाते समय चिकित्सक की परामर्श पर ड्राप डालें।
- बिना चिकित्सक की सलाह के किसी मेडिकल स्टोर से दवा न लें।
पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में दवा वितरण कक्ष पर लगी लाइन।संवाद