शहर के असम चौराहे पर पूरनपुर मार्ग पर खड़ी बस।संवाद
पीलीभीत। जिले के विभिन्न मार्गों पर दौड़ रहीं निजी बसों की मनमानी और नियमों की अनदेखी से जिम्मेदार बेखबर हैं। यही वजह है कि बस संचालक परमिट शर्तों का उल्लंघन कर वाहन दौड़ा रहे हैं। इनमें क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं। किराया भी मनमाना वसूलते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार सख्ती नहीं कर रहे।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार बहेड़ी मार्ग पर 45 और अमरिया मार्ग पर संचालित 40 बसों का ही पंजीकरण है। पंजीकरण स्टेज कैरिज के नाम पर है। इसके बाद भी अमरिया तक जाने वाली बसों में हर गांव-कस्बे से सवारियों को बैठाया जाता है।
बहेड़ी मार्ग की बसों का संचालन भी इसी आधार पर किया जाता है। चालक और कंडक्टर बस में क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाते हैं। पूरनपुर मार्ग पर पलिया जाने वाली 20-25 बसों को रोडवेज बसों के ही आगे खड़ा किया जाता है। यात्रियों को कम किराये का प्रलोभन देकर उन्हें बैठाया जाता है। इसके बाद रास्ते में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं।
कई बार हो चुके हैं विवाद
निजी बसों के संचालन को लेकर हाल ही में पूरनपुर में मारपीट के बाद बसों में तोड़फोड़ की गई। पिछले वर्ष भी किराये को लेकर टाइगर तिराहे पर यात्री व बस कर्मचारियों के बीच जमकर मारपीट हुई। दोनों मामलों की पूरनपुर और सुनगढ़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।