पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह सन 2002 में वर्तमान अध्यक्ष विमला के आवास पर आए थे ।उन्होंने वहीं पर ?
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पीलीभीत। वर्ष1991 में पीलीभीत में चुनाव प्रचार में आए भाजपा के फायरब्रांड नेता कल्याण सिंह ने जीत के लिए कार्यकर्ताओं को सतत जीवित जनसंपर्क का मंत्र दिया था। इसका कार्यकर्ताओं पर इस कदर असर हुआ कि उनकी कोशिशों से जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा हो गया। पार्टी सत्ता में आई तो कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने और कार्यकर्ताओं को इसका श्रेय दिया।
भाजपा से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं के अनुसार सतत जीवित जनसंपर्क का तात्पर्य लगातार लोगों से मिलजुलकर पार्टी के विचारधाराओं से अवगत कराना था। बाबू जी (कल्याण सिंह) ने 1991 में पीलीभीत में करीब डेढ़ दर्जन सभाएं कीं थीं। उस दौरान वे कार्यकर्ताओं से एक बूथ पर बीस यूथ से भी जोश भरते थे। वे कहते थे जब तक बूथ पर कब्जा नहीं होगा जीत हासिल नहीं की जा सकती है। साथ ही सतत जीवित जनसंपर्क का मंत्र दिया। यह मंत्र उस दौर में कार्यकर्ताओं को इतना जोश भर गया कि हर विधानसभा क्षेत्र में जमकर लोगों को पार्टी की नीतियों से अवगत कराया। इसका परिणाम रहा कि जिले की सभी विधान सभा सीटों पर भाजपा काबिज हो गई।
1991 में कल्याण सिंह सरकार में दुग्ध विकास राज्यमंत्री रहे और वर्तमान में बीसलपुर विधानसभा सीट से विधायक रामसरन वर्मा ने बताया कि बाबूजी की स्मरण शक्ति बहुत ही तीव्र रही। वह हर जगह के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके चेहरे और नाम से पहचानते थे। बताया 1991 में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी, इससे पहले संगठन की स्थिति भी ज्यादा मजबूत नहीं थी। चुनाव प्रचार में पीलीभीत पहुंचे कल्याण सिंह बैठकों में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को यही संदेश देते रहे कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर 20 नौजवानों की टीम होनी चाहिए। उन्होंने वन बूथ 20 यूथ का नारा भी दिया। साथ ही सतत जीवित जनसंपर्क का मंत्र देकर कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाने का संदेश दिया। उन्हीं के परिश्रम से भाजपा प्रदेश में अपना परचम फहरा सकी। 1991 के चुनावों में कल्याण सिंह ने जिले का करीब डेढ़ दर्जन सभाओं को संबोधित किया। उनकी अंतिम सभा पीलीभीत शहर के काला मंदिर में देर रात हुई थी। रात होने के बावजूद हजारों की संख्या में लोगों ने उनका भाषण सुना। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण सीधे- सीधे नारा दिया था।
सांसद सीट भी भाजपा के खाते में आई
1991 में परशुराम गंगवार गंगवार जिले से सांसद बने। शहर विधानसभा सीट से बीके गुप्ता, बरखेड़ा सीट से किशन लाल, बीसलपुर से रामसरन वर्मा और पूरनपुर से प्रमोद कुमार प्रधान मुन्नू विधायक चुने गए। इसके बाद 2017 में करीब 27 साल बाद नरेंद्र मोदी के दौर में जिले में भाजपा के सांसद और चारों विधायक चुने जा सके। वर्तमान समय में वरुण गांधी सांसद हैं। संजय गंगवार शहर विधानसभा से, किशन लाल राजपूत बरखेड़ा, बाबूराम पासवान पूरनपुर और रामसन वर्मा बीसलपुर से विधायक हैं।