पूरनपुर। गांव पिपरिया जयभद्र निवासी धर्मवीर ने एसपी से मिलकर कोतवाली के सिपाहियों पर पेड़ काटने के आरोप में कमरे में पांच घंटे तक बंधक बनाकर पिटाई करने और 30 हजार रुपये की वसूली का आरोप लगाया है। शिकायत या कोई अन्य कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी सिपाहियों पर लगा है। शिकायत पर सीओ ने मामले की जांच शुरू की है। पीड़ित ने सोमवार को सीओ कार्यालय पहुंचकर बयान दर्ज कराए।
एसपी को दिए पत्र में पीड़ित ने कहा कि वह सात फरवरी को गुड्डू मिस्त्री की फर्नीचर की दुकान पर पेंट कर रहा था। कोतवाली में तैनात कांस्टेबल फोन करने के बाद उसके पास पहुंचा। पूछताछ की बात कहते हुए कोतवाली ले गया। आरोप है कि कांस्टेबल उसे कोतवाली परिसर में पीछे की ओर एक कमरे में ले गया। कमरे में पांच घंटे तक बंधक बनाकर किसी के पेड़ काटने का आरोप लगाकर उसकी पिटाई की गई। शाम छह बजे उसकी मां से 30 हजार रुपये लेकर कोई कार्रवाई और शिकायत न करने की धमकी देकर उसे छोड़ दिया गया।
पीड़ित धर्मवीर का आरोप है कि पिटाई के बाद कांस्टेबल ने एक वीडियो बनाया। वीडियो में उससे कहलवाया गया कि पेड़ उसने और गांव के दो लोगों ने काटा है। पुलिस वालों ने उसे नहीं पीटा और न ही उससे रुपये लिए गए। पीड़ित का कहना है कि उसने भय के चलते अपनी वीडियो बनवा ली। बताया कि कमरे में बंद कर पहले कांस्टेबल ने डंडे से पीटा। बाद में पहुंचे दूसरे पुलिसकर्मी ने पट्टे से उसकी पिटाई की। बताया कि सोमवार को सीओ कार्यालय में उसके बयान दर्ज किए गए। पूरनपुर सीओ प्रतीक दहिया ने बताया कि सिपाहियों पर आरोप लगा है। शिकायत की जांच की जा रही है। संवाद
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