पीलीभीत। अदालत में छात्रा के बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस साक्ष्यों के आधार पर असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी। वैसे तो इस तरह के मामलों में 60 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल होती है लेकिन इस मामले में इससे पहले ही चार्जशीट दाखिल होने के आसार हैं।
पुलिस क्षेत्राधिकारी सुनील दत्त का कहना है कि छात्रा के बयान पुलिस ले चुकी है। डॉक्टरी परीक्षण और डीएनए के नमूने लेने की कार्रवाई हो चुकी है। आरोपी और छात्रा का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है ताकि वैज्ञानिक तरीके से जांच पूरी हो सके। छात्रा के बयान को भी एक साक्ष्य के रूप में लिया गया है। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जानी है। इस मामले में जल्दी से जल्दी चार्जशीट दाखिल करने का प्रयास है।
क्या था मामला
राजकीय महिला डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कामरान आलम खान के खिलाफ बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा ने दुष्कर्म और सेक्स रैकेट संचालित करने के आरोप के साथ 21 नवंबर को कोतवाली पीलीभीत में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने 26 नवंबर को असिस्टेंट प्रोफेसर को गिरफ्तार किया। अदालत में पेश किए जाने के बाद 27 नवंबर को उसे जेल भेजा गया। असिस्टेंट प्रोफेसर अब जेल में है। पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
डीएनए जांच के लिए खून के नमूने पुलिस को दिए गए हैं। पुलिस ही नमूने को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजती है। वहीं से पुलिस के पास जांच रिपोर्ट आएगी। आम तौर पर जांच रिपोर्ट आने में 15-20 दिन लग जाते हैं।
- डॉ. महावीर सिंह, राजकीय ब्लड बैंक के प्रभारी