पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में खुलासा : ट्रक में आग लगने की घटना में दम घुटने से हुई थी चालक की माैत
पूरनपुर। ट्रक में आग लगने की घटना में दम घुटने से चालक की माैत हुई। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आने के बाद इसका खुलासा किया गया है। हालांकि पुलिस ने विसरा सुरक्षित किया है। जांच में जुटी पुलिस दूसरे दिन भी असम हाईवे के आसपास लगे सीसी कैमरे खंगालने में जुटी रही। अब तक जांच के बाद पुलिस हादसा होना मान रही है। दूसरी ओर मृतक के परिजन रंजिशन घटना को अंजाम देना मान रहे हैं। परिजन सोमवार को बिलासपुर थाना पहुंचकर कार सवारों के खिलाफ तहरीर देंगे।
घटना शुक्रवार रात को असम हाईवे पर हरदोई ब्रांच नहर पुल के समीप हुई थी। रामपुर के बिलासपुर के गांव बड़ा बोमेना निवासी बलजिंदर सिंह रूद्रपुर से फोम भरे ट्रक को लेकर नेपाल बॉर्डर जा रहा था। ट्रक की केबिन से बलजिंदर का जला हुआ शव मिला था।
पुलिस ने बताया कि मृतक की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में उसकी दम घुटने से मौत होना स्पष्ट हुआ। साथ ही विसरा भी सुरक्षित किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच में हादसा होना पाया गया। घटना स्थल से कुछ दूर धार्मिक स्थल के बाहर लगे सीसी कैमरे में पूरनपुर की ओर आते हुए ट्रक की वीडियो 10:44 बजे की कैद हुई है, जबकि घटना 10.47 बजे की है। इतनी जल्दी रंजिशन घटना को अंजाम नहीं दिया जा सकता। इसके अलावा ट्रक के पीछे आता ऐसा कोई वाहन भी सीसी कैमरे की रिकार्डिंग में नहीं मिला है।
बलजिंदर की चिता को मुखाग्नि उसके छोटे भाई गुरमीत ने दी। रविवार को मोबाइल पर मृतक के भाई गुरमीत ने बताया कि दुर्घटना नहीं, घटना को रंजिशन अंजाम दिया गया। उनका तर्क है कि जानबूझ कर कोई अपनी जान नहीं देता। ट्रक में आग लगने पर बलजिंदर अपनी जान बचाने को छलांंग भी लगा सकता था। सोमवार को बिलासपुर थाने पहुंचकर कार सवारों के खिलाफ तहरीर देगे।
मृतक का पुत्र इंग्लैंड से लौट रहा है। पुत्र के आने और अधिवक्ता से विधिक राय लेने के बाद घटना की तहरीर पूरनपुर पुलिस को दी जाएगी। पूरनपुर पुलिस ने जांच के लिए मृतक के मोबाइल की काल डिटेल निकलवाने का आश्वासन दिया है। सीओ विधि भूषण मौर्य का कहना है कि पूरे मामले की जांच गहराई से किए जाने के निर्देश कोतवाली पुलिस को दिए गए हैं। संवाद
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पिता को मुखाग्नि नहीं दे सके पुत्र
बीमारी से हुई पत्नी की मौत के बाद बलविंदर सिंह ने खुद को संभालने के साथ अपने दोनों पुत्रों को पिता के अलावा मां का भी प्यार दिया था। दोनों पुत्रों को भी पिता पर नाज था। बलविंदर सिंह ने खुद तो ट्रक खरीद कर ड्राइवरी की, लेकिन अपने दोनों पुत्रों को विदेश भेज दिया। बलविंदर सिंह का बड़ा पुत्र प्रदीप सिंह तीन साल पहले कनाडा चला गया। छोटा पुत्र प्रीतपाल सिंह डेढ़ साल पहले इंग्लैंड चला गया। दोनों को जब शनिवार को पिता की मौत की सूचना परिजनों ने दी, तब दोनों मोबाइल पर ही फफक कर रोए। शनिवार शाम को दोनों को वीडियो काल कर पिता के अंतिम दर्शन कराए गए। दो पुत्र होने के बाद कोई भी अपने पिता की चिता को मुखाग्नि नहीं दे सका। छोटा पुत्र रविवार देर रात तक वापस घर आ रहा है। बड़ा पुत्र अभी कनाडा से वापस नहीं आ पाएगा।