घर पर नजरबंद रखने का आरोप
रंजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने माधोटांडा थाने जाने से इनकार किया, जिसके बाद पुलिस उन्हें वापस उनके घर ले आई और देर रात तक घर पर ही नजरबंद रखा। उन्होंने बताया कि उनके साथ जितेंद्र सिंह, त्रिलोचन सिंह, अमरीक सिंह सहित कई अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
भाकियू (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक कार्यक्रम में शामिल होने जाना भी अपराध माना जाएगा तो यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि संगठन किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।