पीलीभीत। राजेश्वरी देवी हत्याकांड का पुलिस ने 12वें दिन खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा है। हत्या जमीन विवाद के चलते की गई। हत्याकांड में शामिल दो आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। रविवार को सीओ सिटी ने घटना का खुलासा करते हुए कहा कि बहुत जल्द भागे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
सुनगढ़ी थाने में घटना का खुलासा करते हुए सीओ सिटी सुनील दत्त ने बताया कि गांव बरहा निवासी खूबचंद पत्नी राजेश्वरी देवी के साथ 24 मार्च की शाम खेत से पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। गन्ने के खेत में पांच लोग उनकी हत्या करने के इरादे से पहले ही छिपे बैठे थे। शाम करीब छह बजे खूबचंद और उनकी पत्नी के लौटते समय खेत से निकलकर उन लोगों ने फायरिंग कर दी। खूबचंद ने किसी तरह भाग कर जान बचाई, मगर राजेश्वरी देवी नहीं भाग पाईं। गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। पति की तहरीर पर उसी दिन गांव रूपपुर कृपा निवासी तुलाराम उर्फ दिवारी, उसके भाई दीन दयाल, जहानाबाद के गांव कनाकोर और हाल नौगवा पकड़िया निवासी रणवीर गंगवार, दिव्यानंद कॉलोनी निवासी विनोद और रूपपुर कृपा निवासी बहादुर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने सभी आरोपियों की तलाश शुरू कर दी, मगर कोई आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस ने खूबचंद की निशानदेही पर गन्ने के खेत से एक तमंचा भी बरामद किया था।
रविवार रात करीब सवा दस बजे सुनगढ़ी इंस्पेक्टर बलवीर सिंह, एसएसआई महेंद्रपाल सिंह, एसआई जगदीप सिंह मलिक, कांस्टेबल नसीम और सचिन ने तुलाराम, दीनदयाल और विनोद को असम हाईवे पर दिव्यानंद मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। रणवीर और बहादुर पुलिस के हाथ नहीं लग सके।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है। गन्ने के खेत से तमंचा भी बरामद हुआ है। दो आरोपी भागे हुए हैं। उनकी भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पूछताछ में जमीन के विवाद में हत्या करने की बात कबूल की है। - सुनील दत्त, सीओ सिटी