पीलीभीत। गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार शनिवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के प्रतिबंधित क्षेत्र में पांच गाड़ियों का काफिला लेकर घूमे।
वन क्षेत्र में उनके काफिले के घुसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में लाल-नीली बत्ती लगी गाड़ियां नजर आ रही हैं। हूटर भी बज रहा है। राज्यमंत्री ने वन विभाग के ही एक कार्यक्रम में चूका बीच जाने और हूटर या सायरन न बजाने की बात कही है। वहीं, डीएफओ का कहना है कि, वह पीटीआर में नहीं थे। उन्हें पता चला है कि मंत्री जी चूका गए थे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में इस समय बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस समय पीटीआर का पर्यटन सत्र चल रहा है। ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिहाज से जंगल में निजी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी है। हालांकि रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पीटीआर प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। शनिवार के 25 सेकेंड के इस वीडियो में जंगल के प्रतिबंधित क्षेत्र में गाड़ियों का काफिला दिख रहा है। पुलिस की गाड़ियां मिलाकर पांच वाहन जंगल से गुजर रहे हैं। वाहनों पर नीली-लाल बत्ती लगी होने के साथ हूटर भी बजाया जा रहा है। वीडियो में एक जिप्सी भी खड़ी दिख रही है। एफडी विजय कुमार ने नजीबाबाद में होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
शाम का समय है, करीब 4:45 बजे का। जब सफारी का समय खत्म होता है। उस समय का वीडियो किसी टूरिस्ट ने बनाया है। मंत्री जी से बात नहीं हो सकी है। हम पीटीआर में नहीं थे। बतौर मंत्री वह अकेले तो गाड़ी से जा सकते हैं, लेकिन साथ में चल रहीं प्राइवेट गाड़ियों को अनुमति नहीं है। पता चला है कि मंत्री जी कल चूका गए थे। उनकी तरफ से हमें जानकारी भी नहीं दी गई थी।
- मनीष सिंह, डीएफओ पीटीआर
नहीं थी किसी रेंजर की ड्यूटी
वन विभाग ने चूका में कार्यक्रम रखा था। इसी में शामिल होने जाना था। विभाग ने कोई इंतजाम नहीं किया, न ही किसी रेंजर की ड्यूटी लगाई। ऐसे में अपनी ही गाड़ी से जाना पड़ा। साथ में सिर्फ स्काॅट की गाड़ियां थीं। कोई सायरन और हूटर नहीं बजा।
- संजय गंगवार, राज्यमंत्री