केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत बहाल होने वाले अग्निवीर सैनिकों के लिए पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी लगातार आवाज उठा रहे हैं। सोमवार को इस संबंध में उन्होंने एख बार फिर ट्विट किया। वरुण गांधी ने लिखा कि भारत की महान जनता ने कभी स्वच्छता के लिए टैक्स दिया तो कभी जरूरतमंदों को गैस मिले इसलिए अपनी सब्सिडी छोड़ी। इस त्याग भाव से प्रेरणा लेकर क्या हम सभी देशभक्त सांसद अपनी पेंशन का त्याग कर सरकार का ‘बोझ’ कम नहीं कर सकते? अग्निवीरों को पेंशन की राह आसान नहीं कर सकते?
इससे पहले वरुण गांधी ने लिखा था कि अल्पावधि की सेवा करने वाले अग्निवीर पेंशन के हकदार नहीं हैं तो जनप्रतिनिधियों को यह सहूलियत क्यों मिल रही है? राष्ट्र रक्षकों को पेंशन का अधिकार नहीं है तो मैं भी खुद की पेंशन छोड़ने को तैयार हूं।
सांसद ने लिखा है कि क्या हम विधायक और सांसद अपनी पेंशन छोड़कर यह सुनिश्चित नहीं कर सकते कि अग्निवीरों को पेंशन मिले। इससे पहले उन्होंने एक ट्वीट में लिखा था कि सैन्य अभ्यर्थियों के संघर्ष में वह उनके साथ हैं लेकिन धैर्य से काम लें और ‘लोकतांत्रिक मर्यादा’ बनाए रखते हुए ज्ञापन देकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएं। उन्होंने कहा था कि ‘सुरक्षित भविष्य’ हर युवा का अधिकार है। वह युवा वर्ग के साथ हैं।
बता दें कि वरुण गांधी इस योजना को लेकर लगातार युवाओं का समर्थन करते आए हैं। उन्होंने कई बार अपनी ही सरकार के खिलाफ भी आवाज उठाई है। इससे पहले भी वो अग्नीपथ योजना को लेकर ट्वीट करते रहे हैं।