- आधा घंटे तक वैन के ऊपर खड़े होकर चिल्लाते रहे युवक, बांस के सहारे निकाला बाहर
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर (पीलीभीत)। उत्तराखंड के खटीमा से संपूर्णानगर जा रही एक वैन शुक्रवार की रात कोहरे के चलते धनाराघाट पर शारदा नदी में गिर गई। गनीमत यह रही कि कार पहियों के बल पर नदी में ठहर गई। युवक किसी तरह हिम्मत दिखाकर वैन की छत पर पहुंचे। किसी भी पल कार के बहने के डर से उन युवकों ने चीखना-चिल्लाना शुरू किया। करीब आधे घंटे बाद मांझी और साधुओं ने बमुश्किल चारों को बांस के सहारे बाहर निकाला।
लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर निवासी अर्जुन गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, आदित्य वर्मा और अनंत रघुवंशी कार से खटीमा में एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे धनाराघाट पहुंचने पर कोहरे के चलते उनकी कार पैंटून पुल पर चढ़ने के बजाय नदी में गिर गई। उसमें सवार युवक शीशे खोलकर बमुश्किल वैन के ऊपर चढ़े और चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। तट के किनारे आधी से ज्यादा जलमग्न वैन के ऊपर खड़े होकर चीख रहे युवकों की आवाज सुनकर नदी किनारे कुछ दूरी पर पान मसाला की दुकान चलाने वाले गांव चंदिया हजारा निवासी पप्पू वहां पहुंचा। युवकों ने आहट पर उससे बचाने की गुहार लगानी शुरू कर दी। पप्पू ने नदी तट पर कल्पवास की तैयारी में रहने पहुंचे बाबा राघवदास के आश्रम में पहुंचकर जानकारी दी।
बाबा राघवदास अपने साथियों के साथ नदी किनारे पहुंचे। बाबा ने बताया कि नदी में वैन गिरने और चार युवकों की जान संकट में होने की जानकारी के बाद उन्होंंने घाट पर रह रहे बबलू मांझी को बुलाया। बबलू मांझी कुछ ही देर में घाट पर पहुंचे और लंबे बांस के सहारे युवकों को बमुश्किल बाहर निकाला।
0 लंबे बांस पर बैठकर और लटककर निकले युवक
कार नदी मेंं किनारे से कुछ दूरी पर ही थी। लंबे बांस का एक सिरा कार के ऊपर जबकि दूसरा सिरा नदी के किनारे रखा गया। लंबे बांस से लटककर सवार एक-एक कर नदी से बाहर आए।
0 ठिठुरे युवकों को अलाव का दिया सहारा
नदी में भीगने से ठिठुर रहे चारों युवकों को बाबा ने अपने आश्रम ले जाकर आग तपाई। मामले की सूचना रात को ही पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस चारों युवकों को अपने साथ हजारा थाना ले गई। एसओ शरद यादव ने बताया कि चारों लोगों को उनके घर भिजवा दिया गया है। रात को कार को नदी से बाहर नहीं निकाला जा सका। शनिवार सुबह हाईड्रा मशीन से कार को नदी के बाहर निकाला गया।
24 लोगों की जान बचा चुका है बबलू मांझी
पूरनपुर। शारदा नदी के घाट पर पैंटून पुल, नावों की देखरेख को बबलू मांझी सालों से नदी घाट पर ही रहते हैं। बबलू मांझी तैराक भी हैं। उन्होंने बताया कि अब तक वह नदी में डूब रहे 24 लोगों की जान बचा चुके हैं। सबसे यादगार घटना 2019 में शारदा नदी की है। बताया कि मंहगापुर से आए चार सिख युवक मना करने के बाद भी शारदा नदी के गहरे स्थान पर नहाने लगे थे। एक-एक कर चारों डूबने लगे थे। तब छोटी नाव से डूब रहे लोगों के पास पहुंचकर एक-एक कर चारों को नाव के सहारे नदी के बाहर किया था। कई गोते लगने से चारों युवकों की हालत खराब हो गई थी। संवाद