बीसलपुर। गांव किशनी का गन्ना क्रय केंद्र एक सप्ताह बाद भी सूना पड़ा हुआ है। अभी तक इस केंद्र पर एक क्विंटल भी गन्ना नहीं आया है।
इस केंद्र से जुड़े गांवों के किसान पिछले कई माह से बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा से हटा कर द्वारकेश चीनी मिल फरीदपुर से जुड़वाने की मांग करते रहे हैं। किसानों की मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई है। किसानों का कहना है कि बजाज चीनी मिल गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर नहीं करती। इससे किसानों को काफी आर्थिक दिक्कत होती है। किसानों ने मांग करते समय यह चेतावनी भी दे दी थी कि यदि उनका केंद्र फरीदपुर चीनी मिल से नहीं जोड़ा गया तो वे गन्ना आपूर्ति नहीं करेंगे। बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू हो चुका है। गन्ना विभाग ने इस केंद्र से जुड़े गांवों के सभी किसानों को गन्ने की पर्ची भी भेज दी थी। केंद्र प्रभारी दिन भर खाली हाथ बैठे रहते हैं।
इन गांवों के सैकड़ों किसान केंद्र से जुड़े
किशनी केंद्र से परेवा, किशनी, सिसैया, जलालपुर और मितेपुर आदि गांवों के सैकड़ों किसान जुड़े हैं।
हमारा केंद्र बरखेड़ा चीनी मिल से हटाकर फरीदपुर चीनी मिल से नहीं जोड़ा है। इसलिए क्रय केंद्र का बहिष्कार कर रखा है। - आकाश कमल, गन्ना कृषक, गांव परेवा
हम लोग अपने उस निर्णय पर अडिग हैं। केंद्र बरखेड़ा मिल से हटाकर फरीदपुर मिल से नहीं जोड़ा तो अपना गन्ना आपूर्ति नहीं करेंगे। - सोमदेव, गन्ना डेलीगेट किशनी क्षेत्र
-किशनी केंद्र पर गन्ना किसानों की ओर से गन्ना न तुलवाने का मामला संज्ञान में है। विभाग के उच्च अधिकारियों को भी जानकारी दे दी गई है। - राजेश कुमार, सचिव, सहकारी गन्ना विकास समिति