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Pilibhit News: कोर एरिया में निर्माण सामग्री के मिले साक्ष्य

Wed, 24 Dec 2025 12:02 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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महोफ रेंज के जंगल के कोर एरिया में पड़ी निर्माण सामग्री। स्रोत वीडियो ग्रेब
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में एनटीसीए के नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की कड़ी में एक और चौंकाने वाला प्रकरण सामने आया है। महोफ रेंज के अंतर्गत जंगल के कोर एरिया में भवन निर्माण सामग्री और उससे संबंधित साक्ष्य मिलने से वन विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए। कोर जोन में किसी भी प्रकार के निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध है, इसके बावजूद जंगल के भीतर निर्माण सामग्री का पाया जाना नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा कर रहा है।
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पीटीआर में एनसीटीए के सख्त नियम हैं। कोर एरिया में नियमों पर प्रभावी अमल के निर्देश हैं, लेकिन पर्यटन की आड़ में लोग जंगल से सटे इलाके में निर्माण पर जोर दे रहे हैं। इसमें नियमों को भी ताक पर रखा जा रहा है। महोफ रेंज के जंगल में गश्त के लिए बनाए गए मार्ग के आसपास निर्माण सामग्री के डंपिंग ग्राउंड जैसे साक्ष्य मिले हैं। इससे महकमे में खलबली मच गई। गौरतलब है कि जंगल के अंदर और विशेष रूप से कोर एरिया में बिना अनुमति इस तरह की गतिविधियां पूरी तरह वर्जित हैं। ऐसे में रेंज के जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी के बिना निर्माण सामग्री से जुड़े साक्ष्य मिलने पर स्थानीय स्तर पर जवाब-तलब की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पूरे मामले को वरिष्ठ वनाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर कोर एरिया में निर्माण सामग्री की मौजूदगी और उससे जुड़ी गतिविधियों के साक्ष्य एकत्र कर रिपोर्ट तैयार की गई है। बताया जाता है कि संबंधित रेंज अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। इस प्रकरण को वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक वास स्थलों को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा गंभीर मामला माना जा रहा है।
जांच में मुस्तफाबाद के निकट खटीमा रोड क्षेत्र में ड्रेनेज पाइप जंगल के अंदर खोल दिए जाने के संकेत भी सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर डीएफओ ने पूरे प्रकरण में रेंज अधिकारी से स्पष्टीकरण लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है। अब इस मामले में उच्च स्तर से संज्ञान लेकर आगे की कार्रवाई की तैयारी है।
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इस संबंध में मुख्य वन संरक्षक बरेली वृत्त पीपी सिंह कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। पूरे मामले की जानकारी लेकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाएगी। किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जंगल में किसी तरह का खलल नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
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