पीलीभीत। करीब बीस करोड़ रुपये के 95 टेंडरों में अनियमितता के आरोपों पर गठित जांच समिति ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दी है। डीएम द्वारा रिपोर्ट का अध्ययन किए जाने के बाद फाइल सीडीओ को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजी गई। अब जिला पंचायत के निर्णय पर सबकी नजरें टिकी हैं।
जिले में लंबे समय से चर्चा में रहा 95 टेंडरों में अनियमितता का मामला निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ गया है। करीब बीस करोड़ रुपये की इन निविदाओं में भारी गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद जिलाधिकारी ने समिति गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई खामियां सामने आने के बाद डीएम ने बुधवार को फाइल अध्ययन कर सीडीओ को कार्रवाई हेतु भेज दी। इसके बाद सीडीओ आरके श्रीवास ने सिटी मजिस्ट्रेट, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और ट्रेजरी अफसर के साथ बैठक कर रिपोर्ट का बिंदुवार परीक्षण किया। समिति ने डोंगल के उपयोग, अवकाश के दिन बिड खोले जाने, समयावधि के उल्लंघन और टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी कमियों जैसे कई गंभीर विषयों पर विस्तार से टिप्पणी की है। शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों का भी विस्तृत उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है। पहले जिला पंचायत द्वारा अपूर्ण पक्ष दिए जाने पर फाइल लौटा दी गई थी, जिसके बाद दोबारा जवाब आने पर समिति ने आवश्यक विमर्श कर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया।जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट का अध्ययन कर फाइल सीडीओ को भेज दी गई है। टेंडर प्रक्रिया में सामने आई कमियों के आधार पर अग्रेतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सीडीओ आरके श्रीवास ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर रिपोर्ट जिला पंचायत को प्रेषित कर दी गई है। अब आगे की कार्रवाई जिला पंचायत स्तर पर की जाएगी और अवगत कराया जाएगा।
इस मामले में जिला पंचायत की ओर से अगला कदम क्या होगा, इसे लेकर अब जनपदभर में उत्सुकता बनी हुई है।