पीलीभीत। 25 लाख की आबादी वाले जिले में स्वास्थ्य सेवाएंं बदहाल हैं। जिले के सीएचसी-पीएचसी में चिकित्सकों की कमी है। मरीजों को जिला मुख्यालय में इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। जिले में कुल 118 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। इनमें से सिर्फ 44 की तैनाती है। 75 से अधिक पद खाली पड़े हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के अधीन 11 सीएचसी और 30 पीएचसी संचालित हैं। इनका संचालन कुछ डॉक्टरों के सहारे हो रहा है। वर्तमान में 44 स्थायी डॉक्टर तैनात हैं। इनमें से कुछ सीएमओ कार्यालय का काम देख रहे हैं। शेष 30 से 32 डॉक्टरों पर पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का भार है। स्थिति को संभालने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 19 पदों पर संविदा भर्ती की गई थी। इनमें भी केवल छह डॉक्टरों ने ज्वाइन किया और 13 पद अब भी रिक्त हैं। 30 से 32 डॉक्टर पर चल रहे ग्रामीण स्तर पर पीएचसी-सीएचसी पर इलाज में कमी के चलते मरीज को मायूस होकर जिला मुख्यालय में भटकना पड़ता है।
इसी सप्ताह हुए साक्षात्कार, सेवाएं बढ़ने की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुछ चिकित्सकों के इसी सप्ताह साक्षात्कार कराए हैं। हालांकि अभी उनकी नियुक्ति नहीं हुई है। चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ने की उम्मीद जागी है।
हाल ही में कुछ चिकित्सकों के साक्षात्कार हुए हैं। जल्द ही विभाग को नए चिकित्सा मिल जाएंगे। आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. आलोक कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी