अमरिया क्षेत्र की रसूला फरदिया गैस एजेंसी पर सिलिंडर लेने वालों की लगी भीड़ संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी न्यूरिया/ अमरिया। रसोई गैस की किल्लत लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। न्यूरिया में एक सप्ताह से गैस सिलिंडरों की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। वहीं अमरिया में मंगलवार को गैस की गाड़ी आते ही सिलिंडर पाने के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। न्यूरिया कस्बे में उपभोक्ता राम लुभाया गैस एजेंसी, नर्मदा गैस एजेंसी और एचपी गैस एजेंसी मंडरिया से रसोई गैस प्राप्त करते हैं।
इन्हीं एजेंसियों के माध्यम से आपूर्ति होती रही है, लेकिन इन दिनों आपूर्ति प्रभावित हो गई है। आपूर्ति बाधित होने के चलते उपभोक्ताओं को अतिरिक्त खर्च उठाकर दूरदराज स्थित एजेंसियों तक जाना पड़ रहा है। नर्मदा गैस एजेंसी और राम लुभाया गैस एजेंसी से पिछले एक सप्ताह से न्यूरिया में सप्लाई नहीं पहुंची। कस्बा निवासी अब्दुल कदीर ने बताया कि उनका कनेक्शन नर्मदा गैस एजेंसी में है। उन्होंने पांच दिन पहले बुकिंग कराई थी, लेकिन अभी तक डिलीवरी नहीं मिली। कस्बे के दानिश को बुकिंग के दस दिन बाद सिलिंडर मिला, इसके लिए उन्हें करीब 18 किलोमीटर दूर पूरनपुर रोड स्थित गोदाम तक जाना पड़ा। वहीं, बिना सूचना उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्थानांतरित होने की समस्या भी सामने आ रही है।
कस्बा निवासी महमूद शाह का कनेक्शन राम लुभाया गैस एजेंसी में था, लेकिन एजेंसी पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि उनका कनेक्शन नर्मदा गैस एजेंसी में स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे ही कई अन्य उपभोक्ताओं के साथ भी यह समस्या सामने आई है, जिससे गैस मिलने में देरी हो रही है। अमरिया क्षेत्र के रसूला फरदिया स्थित राम लुभाया भारत गैस एजेंसी पर मंगलवार को गैस लेने के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह करीब पांच बजे से ही लोग एजेंसी पर पहुंचने लगे। एजेंसी से जुड़े कर्मचारी भूरा के अनुसार बीते शुक्रवार से गैस एजेंसी पर सिलिंडर की आपूर्ति न होने के कारण पिछले चार दिनों से वितरण बंद था।
इसी वजह से मंगलवार को जैसे ही 360 सिलिंडर पहुंचे, उन्हें लेने के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। पुत्तन अंसारी ने बताया कि वह 12 किलोमीटर दूर से सुबह छह बजे आकर लाइन में लग गए, लेकिन दोपहर तीन बजे तक भी उन्हें गैस नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीच में कुछ प्रभावशाली लोगों को सीधे गोदाम से सिलिंडर दे दिए जाते हैं। रोशन लाल ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। मंगलवार को भी सुबह आठ बजे से लाइन में खड़े रहे, लेकिन दोपहर तीन बजे तक सिलिंडर नहीं मिल पाया।