पीलीभीत। दीपावली और भाई दूज मनाकर अपने-अपने कार्यस्थलों पर रवाना हुए यात्रियों को बसों की तलाश में भटकना पड़ा। डेढ़ से दो घंटे इंतजार के बाद भी बस नहीं मिली तो डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। बरेली और अन्य स्थानों को जाने वाले यात्रियों ने ट्रक और मालवाहक वाहनों से भी सफर किया। शहर के असम चौराहे पर पूरे दिन यात्री इधर से उधर भटकते दिखे। वहीं रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भीड़ जुटी। ट्रेन में सवार होने और सीट के लिए धक्का-मुक्की का नजारा भी दिखा।
सोमवार की दोपहर 12 बजे शहर के असम चौराहे पर यात्रियों की भीड़ जमा थी। बरेली जाने वाले मार्ग पर यात्री सड़क किनारे बैठकर वाहनों का इंतजार करते दिखे। कुछ यात्री सामान लेकर इधर से उधर भटक रहे थे।
दिल्ली, गुड़गांव, रुद्रपुर, हल्द्वानी आदि स्थानों को जा रहे इन यात्रियों को कई घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ा। प्राइवेट बसें भी नहीं मिलीं तो ट्रक और अन्य मालवाहक वाहनों का सहारा लिया। बसों की तलाश में भटक रहे यात्रियों की मजबूरी का फायदा डग्गामार वाहनों ने उठाया। मनमाना किराया वसूल किया और क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर ले गए। पुलिस चौकी के सामने से सवारियों को लटकाकर निकल रहे डग्गामार वाहन चालकों को पुलिस और यातायात पुलिस ने रोका भी नहीं।
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रेलवे स्टेशन पर उमड़ी यात्रियों की भीड़
त्योहार निपटने के बाद लोगों ने अपने कार्यस्थलों पर वापसी की राह पकड़ी तो रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से लेकर रेलवे परिसर में काफी भीड़ दिखी। ट्रेन आने पर लोग सीट के लिए धक्क-मुक्की करते दिखे। ट्रेन के खाली डिब्बे की ओर उनके दौड़ लगाने का नजारा भी दिखा। लोगों ने ट्रेन की गैलरी, गेट के पायदान पर बैठकर सफर किया। वहीं टिकट न मिल पाने से कुछ लोगों की ट्रेन भी छूटी।
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परिवार के साथ दिल्ली जा रहा हूं। रेलवे स्टेशन पर गया। जहां टिकट काउंटर पर काफी भीड़ थी। वहां से असम चौराहे पहुंचा। जहां पिछले करीब एक घंटे से रोडवेज की कोई भी बस नहीं आई है।
- विवेक
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काम करने के लिए परिवार के साथ रुद्रपुर जा रहा हूं। पिछले एक घंटे से वहां जाने वाली बस का इंतजार कर रहा हूं। मगर बस नहीं मिली है। प्राइवेट बस वाले काफी है।
- सावित्री देवी
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हल्द्वानी में निजी कंपनी में काम करता हूं। सामान काफी है सोचा रोडवेज बस से निकल जाऊंगा। मगर यहां पर बस का कुछ पता ही नहीं है। करीब आधा घंटा से इंतजार कर रहा हूं।
- विकास
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बसों का संचालन समय के अनुसार किया गया। अगर ऐसा हुआ है, तो इसे दिखवाया जाएगा। हमारी अधिकांश बसें नौगवा चौराहे से टाइगर तिराहे होते हुए बरेली रोड से तमाम जगह के लिए जाती हैं।
- पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
पीलीभीत के असम चौराहे के पास वाहन के इंतजार में खड़े लोग।संवाद
पीलीभीत के असम चौराहे के पास वाहन के इंतजार में खड़े लोग।संवाद
पीलीभीत के असम चौराहे के पास वाहन के इंतजार में खड़े लोग।संवाद
पीलीभीत के असम चौराहे के पास वाहन के इंतजार में खड़े लोग।संवाद
पीलीभीत के असम चौराहे के पास वाहन के इंतजार में खड़े लोग।संवाद
पीलीभीत के असम चौराहे के पास वाहन के इंतजार में खड़े लोग।संवाद
पीलीभीत के असम चौराहे के पास वाहन के इंतजार में खड़े लोग।संवाद