गांव मडरिया में बाघ की निगरानी करते वन कर्मी।स्रोत:विभाग
पीलीभीत। शहर से सटे न्यूरिया क्षेत्र के मडरिया गांव में पांच दिन पूर्व से डेरा जमाए बाघ की शनिवार को कोई चहलकदमी नहीं देखी गई, लेकिन मौजूदगी को लेकर संशय बना रहा। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ खेतों में ही डेरा जमाए है। हालांकि वन विभाग की दो टीमें बाघ की निगरानी के लिए क्षेत्र में मौजूद रहीं।
जंगल से बाहर खेतों में घूम रहा बाघ आबादी के निकट सात सौ मीटर के दायरे में घूमकर दहशत का पर्याय बना हुआ है। गाय को मारने के बाद से बाघ गन्ने के खेतों में ही डेरा जमाए हुए है। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की ओर से एक पिंजरा लगाया गया। उसके आसपास दो कैमरे भी लगाए गए हैं और टीम भी निगरानी कर रही है। डिप्टी रेंजर शेर सिंह ने बताया कि शनिवार को बाघ की चहलकदमी दिखाई नहीं दी।