खेतों में मिले पगचिन्ह
सूचना के बाद क्षेत्रीय सामाजिक वानिकी और टाइगर रिजर्व की टीम भी मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान खेतों में बाघ के पगचिन्ह भी मिले। गन्ने के खेत में बाघ की मौजूदगी बताकर ग्रामीण बाघ को पकड़ने की मांग करने लगे। इस दौरान उनकी वनकर्मियों से नोंकझोंक भी हुई।
इसके बाद जाल लगाकर गन्ने के खेत की घेराबंदी की गई। कुछ देर इंतजार के बाद डिप्टी रेंजर कपिल कुमार, वन दरोगा अजमेर सिंह, बाबूराम टीम के साथ गन्ने के खेत के अंदर घुसे। पटाखे दागकर खोजबीन की लेकिन बाघ की मौजूदगी नहीं मिली। इसे बाद टीम लौट गई।
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बाघ को पकड़े बगैर टीम के लौट जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ गन्ने के खेतों में छिपा है। बाघ की मौजूदगी देखे जाने के बाद हमलावर बाघ और बाघिन को लेकर संशय बरकरार है।
क्षेत्रीय किसान नेता गुरदीप सिंह गोगी का कहना है कि लगातार बाघ की मौजूदगी देखी जा रही है। विभागीय टीम के देरी से प्रयास शुरू करने से बाघ दूसरे गन्ने के खेत की ओर निकल गया। रेंजर आरके सिंह ने बताया कि जानकारी के बाद टीम ने गन्ने के खेत में खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।