पीलीभीत। शहर की सभी प्रमुख सड़कों, गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस कुत्तों की चहलकदमी खतरा बनती जा रही है। इनकी सक्रियता मांस की दुकानों के पास अधिक दिखती है। यहां पर रहने वाले कुत्ते हमलावर भी जल्दी हो जाते हैं। बरातघरों के आसपास भी कुत्तों के झुंड अधिक नजर आते हैं। वहीं कुत्तों की नसबंदी कर शेल्टर होम भेजने की प्रक्रिया अभी कागजों पर ही दौड़ रही है।
शहर में मोहल्ला कमल्ले चौराहा, बेलो वाला चौराहा, ईदगाह, सुनगढ़ी, स्टेशन के समीप कुत्तों के झुंड अधिक नजर आते हैं। बृहस्पतिवार की दोपहर कमल्ले चौराहे के पास कई कुत्ते कूड़े के ढेर पर बैठे थे। नकटादाना चौराहा से खकरा मार्ग पर भी कुत्तों का झुंड घूमता नजर आया। अशोक काॅलोनी में पूरे दिन कुत्ते इधर से उधर विचरण करते रहे हैं। ईओ संजीव कुमार के अनुसार शहर में विचरण करने वाले कुत्तों की गिनती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। शेल्टर होम के लिए जमीन की तलाश की जा रही है।
अचानक से राहगीर पर हमलावर हुआ कुत्ता
दोपहर 1.10 बजे शहर के काला मंदिर मार्ग पर चार से पांच कुत्तों का झुंड विचरण कर रहा था। इसी समय सड़क से गुजरे राहगीर पर एक कुत्ता अचानक से हमलावर हो गया। राहगीर ने तेज आवाज में चिल्ला कर कुत्ते काे भगाया। अन्य राहगीर कुत्तों से बचकर निकलते दिखे। रोडवेज बस अड्डा मार्ग पर भी कई कुत्तों का झुंड घूमता दिखा।
निविदा प्रक्रिया पूरी, 600 कुत्तों की होगी शेल्टर होम की क्षमता
बीसलपुर। नगर पालिका प्रशासन ने आवारा कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर होम बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर पालिका अध्यक्ष शशि जायसवाल ने बताया कि शेल्टर होम के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है। बहुत जल्द भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 31 मार्च से पहले हर हालत में निर्माण कर पूरा हो जाएगा। शेल्टर होम 600 कुत्तों की क्षमता का होगा। पालिका प्रशासन के अनुसार नगर में अधिकतम 600 लावारिस कुत्ते ही हैं। सर्वाधिक आवारा कुत्ते मोहल्ला ग्यासपुर में है। संवाद
कस्बे की सड़कों पर कुत्तों का डेरा, जिम्मेदार अनजान
बरखेड़ा। कस्बे की प्रमुख सड़कों और गली-मोहल्लों में लावारिस कुत्तों का झुंड पूरे दिन विचरण करता दिखता है। बृहस्पतिवार की दोपहर थाने के सामने सड़क पर 10 से अधिक कुत्ते घूमते दिखे। कुत्ते, आने-जाने वाले राहगीरों पर भौंक भी रहे थे। लावारिस कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम भेजने की प्रक्रिया अभी कागजों पर ही दौड़ रही है। संवाद