पीलीभीत। जिले में रीवैंप योजना की रफ्तार तो धीमी है ही स्मार्ट मीटर लगाने की चाल उससे भी ज्यादा सुस्त है। जिले के तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओं में सिर्फ नौ फीसदी उपभोक्ताओं के घर ही स्मार्ट मीटर लग सका है।
सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगने की स्थिति तो और ज्यादा खराब है। काम पूरा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। वहीं, स्मार्ट मीटर 3790 सरकारी कार्यालयों में सिर्फ 125 में ही लग सके। जिले में रीवैंप योजना के तहत बंच केबल डालने, ट्रांसफाॅर्मर क्षमता वृद्धि, नए सब स्टेशन बनाने आदि काम चल रहा है।
इसी क्रम में जिले में स्मार्ट लगाए जाने का कार्य भी शुरू किया गया। पांच माह से अधिक समय से जिले में स्मार्ट मीटर लग रहे हैं, लेकिन काम 10 फीसदी भी नहीं हो सका।
जिले में 3.11 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के घर में स्मार्ट मीटर लगना है। अब तक सिर्फ 28 हजार घरों में ही स्मार्ट मीटर लग सके हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 3790 सरकारी कार्यालयों में भी स्मार्ट मीटर लगेंगे। इन कार्यालयों में मीटर लगाए जाने की अवधि 31 मार्च 2025 तक है।
लापरवाही के चलते चयनित कंपनी के कर्मचारियों की ओर से महज 125 सरकारी कार्यालयों में ही स्मार्ट मीटर लगाए जा सके हैं। करीब 3665 सरकारी कार्यालयों में अभी स्मार्ट मीटर लगना बाकी है। संवाद