पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों के भाग्य का पिटारा रविवार को खुल गया। सुबह सात बजे से सभी सात ब्लाकों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना प्रारंभ हुई। देर सायं तक लगभग 80 प्रतिशत पदों की गिनती पूरी कर परिणाम की घोषणा कर दी गई, शेष के वोटों की गिनती रात तक जारी रही। ललौरीखेड़ा ब्लाक की शाही ग्राम पंचायत में दो प्रत्याशियों को बराबर मत मिलने और लॉटरी के लिए राजी न होने पर पुर्नमतगणना कराई गई। परिणाम जानने को मतगणना स्थलों के बाहर मेले जैसा महौल रहा।
पंचायत चुनाव के लिए जिले के सातों ब्लाकों में प्रधान के 721 पद के सापेक्ष तीन पदों पर एकल नामांकन के चलते निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया था। शेष 718 पदों के लिए मतदान कराया गया था। जिसमें 4917 प्रत्याशियों ने अपना भाग्य आजमाया था। रविवार को सुबह मरौरी और ललौरीखेड़ी ब्लाक के मत की गिनती पीलीभीत मंडी समिति में बने दो अलग मतगणना पंडालों में प्रारंभ हुई जबकि अन्य ब्लाकों की मतगणना संबंधित ब्लाक में बने मतगणना स्थलों पर शुरू हुई।
प्रधान का पहला परिणाम मरौरी ब्लाक में सुबह नौ बजे आया। यहां देवीपुरा गांव की शांति देवी ने 302 मत पाकर 259 मत पाने वाले रामकिशोर को हराया। वहीं ललौरीखेड़ा ब्लाक में पहला परिणाम कटैइया इस्लाम के वलीशेर के रूप में आया। सुबह कुछ देर मतगणना कार्य धीरे चला लेकिन 12 बजे के बाद से इसमें तेजी आई। मतगणना के दौरान ललौरीखेड़ा के गांव शाही में दो प्रत्याशियों असमत बी और भगवान दास को बराबर 715-715 मत मिले। इस पर लॉटरी डालने की तैयारी की गई, लेकिन असमत बी के पति ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए लॉटरी कराने से इंकार कर दिया। इस पर इस गांव की पुर्नमतगणना कराई गई। वहीं दोपहर तक आयोग की वेबसाइट पर परिणाम लोड न हो पाने के कारण अधिकारी परेशान रहे। दोपहर बाद से लोडिंग शुरू हो सकी। परिणाम घोषित होते ही मतगणना स्थल के बाहर खड़े विजयी उम्मीदवार के समर्थक खुशी से झूम उठते।