पीलीभीत। जिले में गेहूं खरीद अभी रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। करीब 20 दिनों में लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ तीन प्रतिशत गेहूं ही खरीदा जा सका। हालांकि इसकी वजह गेहूं में नहीं और अप्रैल के पहले सप्ताह में हुई बारिश बताई जा रही है। उधर, शहर और पूरनपुर, बीसलपुर मंडी में आढ़त पर गेहूं की आवक तेजी से बढ़ी है। शनिवार को शहर की मंडी समिति परिसर में आढ़त पर गेहूं 2331 से 2600 रुपये तक बिका। रविवार को केंद्रीय टीम गेहूं की जांच करने जिले में पहुंचेगी।
जिले में 125 केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जा रही है। इनमें अधिकांश केंद्र शहर, पूरनपुर व बीसलपुर मंडी में संचालित हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में गेहूं की आवक न के बराबर रही। इसी समय किसान संगठनों के पदाधिकारियों और किसानों ने पूरनपुर मंडी में विरोध-प्रदर्शन कर गेहूं खरीद में गड़बड़ी के आरोप लगाए। बारदाना की कमी और किसानों को अव्यवस्थाओं का सामना करने की बात भी कही। बाद में कोटे के बोरे खरीद कर सभी केंद्रों पर खरीद शुरू करा दी गई। नमी और आवक की कमी से जिले में अब तक करीब 3000 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी है। यह जिले को मिले लक्ष्य का तीन प्रतिशत है। जिले को एक लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीद का लक्ष्य मिला है। संवाद
खरीदे जा चुके कोटे के 80 हजार बोरे
शुरुआत में विपणन विभाग ने कोटे के करीब 50 हजार बोरे खरीदे थे। इन्हें सभी केंद्रों पर पहुंचाया गया। बाद में करीब 30 हजार बोरे और खरीदे गए हैं। डिप्टी आरएमओ विजय कुमार ने बताया कि केंद्रों पर बारदाना पर्याप्त है। इस सप्ताह आवक बढ़ी है। किसानों को केंद्रों पर किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जा रही है। 48 घंटे में भुगतान भी हो जा रहा है।
गेहूं की गुणवत्ता जांचेगी तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम
बारिश की वजह से जिले में गेहूं की गुणवत्ता पर असर पड़ा। गेहूं में कालापन और चमक (लस्चर लॉस) कम हो गई। गुणवत्ता कम होने से गेहूं की खरीद भी प्रभावित हुई। इस संबंध में जिलाधिकारी ने रिपोर्ट केंद्र को भेजी थी। रविवार को तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम जिले में आकर गेहूं की गुणवत्ता की जांच करेगी। अगर जांच के बाद कम चमक वाले गेहूं की खरीद की अनुमति मिली तो जिले में खरीद की रफ्तार और आंकड़ा बढ़ जाएगा।