पीलीभीत। शहर के नालों की तलीझाड़ सफाई सिर्फ कागजों पर है। हकीकत में अधिकतर नाले कीचड़ और कचरे से चोक हैं। जरा सी बारिश में नाले का पानी गलियों में भर जाता है। लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नगरपालिका के जिम्मेदार नालों में गंदगी की शिकायत मिलने पर सिर्फ दोबारा सफाई का दावा करते हैं।
नगर पालिका ने शहर के छोटे-बड़े 28 नालों की सफाई का कार्य करीब 32 लाख रुपये से कराया। सफाई कराने वाले ठेकेदार ने काम को कागजों पर चकाचक करने में अधिक ध्यान दिया। कई नालों की सफाई में खानापूरी की। यही वजह है कि सफाई के बाद भी नाले गंदगी से चोक हैं। इनमें मोहल्ला फीलखाना में सात फुट गहरे नाले में करीब तीन फुट तक गंदगी जमा है।
बरसात में ओवरफ्लो होने पर पानी लोगों के चबूतरे तक पहुंच जाता है। वहीं लेखराज चौराहे का नाला कूड़े-करकट से चोक है। शहर की शिवनगर कॉलोनी में करीब 15 पूर्व से दिन से नाला निर्माण की कवायद चल रही है। नालियां चोक होने से गली में जलभराव और गंदगी हो रही है।
स्टेडियम मार्ग के नाले की सफाई भी कागजों पर चकाचक
गौहनिया चौराहे से स्टेडियम जाने वाली सड़क के दोनों के नालों की सफाई भी सिर्फ कागजों पर ही चकाचक है। कई स्थानों पर नाले में कीचड़ और कचरा नजर आता है। अशोक कालोनी मोड़ से पहले, बीज भंडार से आगे और कई अन्य स्थानों पर नाले मे कचरा नजर आता है। यही हाल अन्य नालों का भी है।
20 साल पहले नाला सफाई हुई थी। उसके बाद फिर कभी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। थोड़ी सी बारिश में पानी घर में आ जाता है। - माजिद, फीलखाना
फीलखाने का नाला लगभग सात से आठ फुट गहरा है। नाले में चार फुट तक गंदगी है। ऐसे में बारिश होते ही पानी सड़क पर चलने लगता है।- जलील अहमद, फीलखाना
नाले का निर्माण करीब 15 दिन से चल रहा है। पानी की निकासी का विकल्प न होने की वजह से गलियों में पानी बह रहा है। दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।- मायादेवी, शिवनगर
नालों की सफाई का कार्य गहनता से पूरा कराया गया है। अगर कहीं गंदगी की शिकायत आती है। तो सफाई कराई जाएगी।
- डॉ. आस्था अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष पीलीभीत
नगर पालिका की ओर से नालों की सफाई का कार्य कराया गया है। कहीं गंदगी पाई गई तो उसे फिर से साफ कराया जाएगा।
- संजीव कुमार, अधीशासी अधिकारी, नगर पालिका
मायादेवी, शिवनगर
मायादेवी, शिवनगर
मायादेवी, शिवनगर
मायादेवी, शिवनगर
मायादेवी, शिवनगर