पीलीभीत। चेक बाउंस होने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुकृति सिंह ने सिंघल वनस्पति, बदायूं फर्म के पार्टनर को दोषी पाते हुए एक साल की कैद की सजा सुनाई है, साथ ही 12 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
गर्ग रोलर मिल के भागीदार लक्ष्मी नारायण अग्रवाल ने न्यायालय में दायर परिवाद में बताया कि उनकी फर्म द्वारा अनिल कुमार की फर्म को मई 2017 में आटा, मैदा बेचा गया था। जिसका 6,53,208 रुपये बकाया था। जिसके भुगतान के लिए विपक्षी द्वारा एक चेक दिया गया, जो बाउंस हो गया।
गर्ग रोलर मिल, बंडा रोड, पूरनपुर के प्रोपराइटर लक्ष्मी नारायण अग्रवाल ने 138 एनआई एक्ट के तहत मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वाद दर्ज कराया।जिसकी सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुकृति सिंह द्वारा की गई। वर्ष 2017 के उपरोक्त मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुकृति सिंह ने अब फैसला सुनाते हुए सिंघल वनस्पति, बदायूं के प्रोपराइटर अनिल कुमार सिंघल को धारा 138 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास एवं 12 लाख रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया है।
अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को चार माह का अतिरिक्त साधारण कारावास दिया जाएगा। अर्थ दंड में से 20 हजार रुपये की धनराशि राज्य के पक्ष में जमा की जाएगी तथा शेष धनराशि 11.80 लाख रुपये प्रतिवादी को चेक से दी जाएगी। दोषी अनिल कुमार सिंघल द्वारा पूर्व में प्रतिवादी को कोई धनराशि दी गई है तो वह 11.80 लाख रुपये की धनराशि में समायोजित की जाएगी।