-कई सदस्यों ने बैठक कर बनाई रणनीति, डीएम का देंगे अविश्वास प्रस्ताव
-पूर्व राज्यमंत्री हेमराज के भाई हैं मरौरी में सपा के ब्लॉक प्रमुख
अमरिया और पूरनपुर ब्लॉक प्रमुख को हटाने के बाद अब मरौरी ब्लॉक प्रमुख अरुण वर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए कई बीडीसी सदस्यों ने शहर के एक बारात घर में बैठक कर रणनीति बनाई। माना जा रहा है कि जल्द ही शपथपत्रों के साथ डीएम के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।
सपा सरकार में हुए त्रिस्तरीय चुनाव में जिले के सभी सातों ब्लाकों में सपा ने अपना परचम लहराया था। इसमें तत्कालीन राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के छोटे भाई अरुण वर्मा मरौरी ब्लॉक से ब्लाक प्रमुख बने थे, लेकिन सपा की सरकार जाते ही उन्हें हटाने की कवायद शुरू हो गई। इसके लिए कई सदस्यों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारियां शुरू की है। मंगलवार को शहर के एक बारात घर में संतोषपुरा के बीडीसी रविंद्र प्रताप गंगवार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें लगभग 65 सदस्यों की उपस्थिति का दावा किया गया है। रविंद्र प्रताप गंगवार ने कहा कि राज्यमंत्री ने सत्ता के दवाब मेें अपने भाई को निर्विरोध बीडीसी बनवाकर ब्लाकॅ प्रमुख की कुर्सी यह कहकर हासिल कर ली थी कि मरौरी ब्लॉक क्षेत्र का चौमुखी विकास कराया जाएगा लेकिन वह अपना विकास ही करते रहे। क्षेत्र में काम नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि जनता ने पूर्व राज्यमंत्री को करारी हार देकर सत्ता से बाहर कर दिया। बैठक में ब्लॉक प्रमुख अरुण वर्मा को हटाने के लिए एकजुट होने और शपथपत्र बनवाकर दो-तीन के अंदर ही डीएम के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया। बैठक में ज्ञानी राम, प्रेमप्रकाश, धर्मेद्र, शंकरलाल, ताराचंद्र, गयादीन, कांति प्रसाद, दीपकिशोर, ईश्वर दयाल, राकेश कुमार आदि बीडीसी सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।।
पूरनपुर व अमरिया में हो चुका है अविश्वास प्रस्ताव
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से जिले के सात ब्लॉकों में से सबसे पहले ललौरीखेड़ा ब्लॉक प्रमुख प्रवीण गंगवार सपा छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद पूरनपुर और अमरिया के अविश्वास प्रस्ताव पास हो गए। अब चौथे नंबर पर मरौरी ब्लॉक प्रमुख को हटाने की तैयारी की गई है।