अमरिया। बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे से गांव माधौपुर होकर सरैंदा पट्टी जाने वाली खस्ताहाल सड़क के गड्ढे राहगीरों को दर्द दे रहे हैं। तमाम शिकायतों के बाद भी इस सड़क की पिछले तीन वर्षों से मरम्मत नहीं कराई गई है। इस वजह से करीब 15 गांवों की 20 हजार से ज्यादा की आबादी को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हरिद्वार नेशनल हाईवे से संपर्क मार्ग माधौपुर से सरौंदा पट्टी जाने वाली सड़क करीब तीन वर्षों से उखड़ी पड़ी है। इस मार्ग से करीब 15 गांव जुड़े है। इनकी 20 हजार आबादी और अन्य राहगीरों का आवागमन इस मार्ग से होता है। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से लोगों को दिक्कत होती है।
सड़क से कोलतार गायब हो गया है। केवल पत्थर व मिट्टी दिखाई दे रही है। बाइक व साइकिल सवार सड़क ऊबड़-खाबड़ होने के चलते गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है।
माधौपुर चौराहे से कैंचू टांडा जाने वाला मार्ग भी बदहाल
हरिद्वार हाईवे से माधौपुर चौराहे से गांव लक्ष्मीपुर होकर कैंचू टांडा जाने वाली सड़क की हालत भी खराब है। इस सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। तमाम शिकायतों के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है।
इन गांवों के ग्रामीणों का होता है आवागमन
माधौपुर-सरौंदा पट्टी मार्ग से गांव मिल्क, सरैंदा पट्टी, माधौपुर अंडरायन, आसपुर, नवादा श्यामपुर, दलेलगंज, जगदीशपुर, सुस्वार आदि गांवों की 20 हजार की आबादी आवागमन करती है। रोजाना पांच सौ से अधिक छोटे-बड़े वाहन यहां से गुजरते हैं।
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सड़क खस्ताहाल होने से आने-जाने में दिक्कत होती है। हादसे का डर रहता है। जिम्मेदार सड़क की मरम्मत को लेकर संजीदा नहीं हैं। ग्रामीणों की समस्या का समाधान जल्द कराया जाना चाहिए। - उमराय लाल, सरैंदा पट्टी
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क्षतिग्रस्त सड़क से गुजरते समय बाइक फिसल कर गिर जाती है। इससे लोग चोटिल हो रहे हैं। रात में आवागमन करते समय हादसे का खतरा ज्यादा रहता है। - रामगोपाल प्रजापति, सरैंदा पट्टी