पूरनपुर के बाढ़ कंट्रोल रूम में कुर्सी पर सो रहा कर्मचारी। संवाद
पीलीभीत। जिले में बाढ़ बचाव की तैयारियों के दावे कागजों पर दौड़ रहे हैं। हाल यह है कि तहसीलों के जिम्मेदार अभी कंट्रोल रूम की व्यवस्थाएं तक दुरुस्त नहीं कर सके हैं। अधिकांश जगहों पर बैनर, फोन और रजिस्टर भी नजर नहीं आ रहा है। कंट्रोल रूम का नंबर परिसर में बाहर लिखा होना चाहिए, लेकिन कार्यालय के आसपास भी नहीं दिखता। कर्मचारी भी मनमाने तरीके से ड्यूटी कर रहे हैं। हालांकि, शुक्रवार की सुबह 11:41 बजे कलक्ट्रेट के कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी फोन पर बात कर रहे थे।
n सभागार और किसी अन्य कमरे में नहीं दिखा कंट्रोल रूम ः कलीनगर। शुक्रवार सुबह करीब 10:45 बजे तहसील सभागार और किसी अन्य कमरे में बाढ़ राहत कंट्रोल रूम नजर नहीं आया। किसी जगह पर कोई बैनर भी नहीं दिखा। तहसील सभागार में दो-तीन लोग बैठकर बात कर रहे थे। किसी को कंट्रोल रूम का नंबर पता नहीं था। करीब 12:49 बजे तहसीलदार कलीनगर वीरेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कंट्रोल रूम बना होने की बात कही। बताया कि एसडीएम चैंबर में ही कर्मचारी को बिठाया गया है। वहीं, टेलीफोन रखा है। रात के समय टेलीफोन दूसरी जगह रख दिया जाता है। वहां अमीन ही ड्यूटी लगाई है। हालांकि, देर बाद उन्होंने एक कर्मचारी की फोटो भेजी। संवाद
n बचाव कार्य देखने पहुंचे एसडीओ, जेई को महिलाओं ने सुनाई खरी खोटी ः पूरनपुर। बाढ़ बचाव कार्य को देखने पहुंचे बाढ़ खंड के एसडीओ और जेई को महिलाओं ने घेरकर खरी खोटी सुनाई। आक्रोशित महिलाओं का कहना था कि कटान रोकने को बचाव कार्य के नाम पर औपचारिकता की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अफसरों ने परियोजना को धन आवंटित न होने की जानकारी दी।
शारदा नदी पार गांव श्रीनगर और कबीरगंज के समीप नदी ने कटान कर तीन किसानों की दो एकड़ गन्ना की फसल लील ली थी। तीन किसानों की गन्ना और केला की फसल नदी के कटान मुहाने पर आ गई थी। नदी का जलस्तर कम होने पर बृहस्पतिवार को कटान थम गया था। शुक्रवार को बाढ़ खंड के एसडीओ सौरभ ओझा और जेई अनुज कुमार हो रहे बचाव कार्य देखने गांव श्रीनगर के समीप पहुंचे। इसकी जानकारी पर एकत्र हुई महिलाओं ने दोनों अफसरों को घेरकर खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी।
पूरनपुर के बाढ़ कंट्रोल रूम में कुर्सी पर सो रहा कर्मचारी। संवाद