पीलीभीत। शहर के बाइपास मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों के लिए अच्छी खबर है। बाइपास मार्ग को और सुरक्षित व सुगम बनाने की दिशा में तीन स्थानों पर नए बॉक्स कलवर्ट बनाए जाएंगे। सेतु कार्ययोजना के तहत इन निर्माण कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें पीलीभीत शहर क्षेत्र में दो और बरखेड़ा क्षेत्र में एक स्थान पर बॉक्स कलवर्ट का निर्माण प्रस्तावित है। खास बात यह है कि इनमें एक स्थान पर पुरानी पुलिया और दूसरे स्थान पर क्षतिग्रस्त पुलिया की जगह नया निर्माण कराया जाएगा। नए कलवर्ट बनने के बाद बारिश के पानी की निकासी बेहतर होने के साथ ही बाइपास पर वाहनों की आवाजाही भी सुचारु होने की उम्मीद है।
पीलीभीत शहर के आसपास यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। बाइपास मार्ग शहर के अंदर से गुजरने वाले वाहनों का दबाव कम करने के साथ ही आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में बाइपास की सड़क के साथ-साथ उसके नीचे से पानी की निकासी करने वाले ढांचों का मजबूत होना भी जरूरी है। पुरानी और क्षतिग्रस्त पुलियों के कारण कई बार बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होती है। इससे सड़क के किनारे जलभराव होने और सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए तीन स्थानों पर नए बॉक्स कलवर्ट बनाने की योजना तैयार की गई है। संवाद
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आठ और नौ किमी के बीच बनेगा पहला बॉक्स कलवर्ट
लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड की तरफ से बनाए गए सेतु कार्ययोजना के अनुसार पीलीभीत बाइपास मार्ग के आठ और नौ किमी के बीच स्थित पुलिया के स्थान पर नया बॉक्स कलवर्ट बनाया जाएगा। इस निर्माण के लिए करीब 2.85 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत प्रस्तावित की गई है। वर्तमान पुलिया के स्थान पर नया मजबूत ढांचा बनने से इस हिस्से में पानी की निकासी को व्यवस्थित किया जा सकेगा।
यह स्थान बाइपास के यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां से प्रतिदिन पांच हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। नया बॉक्स कलवर्ट बनने के बाद वाहन चालकों को अपेक्षाकृत बेहतर और सुरक्षित मार्ग मिलने की उम्मीद है। साथ ही बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित होने से सड़क पर होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सकेगा।
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छह और सात किमी के बीच क्षतिग्रस्त पुलिया बदली जाएगी
बाइपास मार्ग के छह और सात किमी के बीच पहले से निर्मित पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस पुलिया को हटाकर उसके स्थान पर नया बॉक्स कलवर्ट बनाए जाने का प्रस्ताव है। इस कार्य की अनुमानित लागत करीब 3.25 करोड़ रुपये रखी गई है।
क्षतिग्रस्त पुलिया की जगह नया निर्माण होने से इस हिस्से में सड़क की मजबूती बढ़ेगी। खासकर भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान पुरानी पुलिया पर पड़ने वाले दबाव से पैदा होने वाली समस्या दूर होने की उम्मीद है। नया ढांचा बनने के बाद यातायात को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
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बरखेड़ा क्षेत्र में भी होगा निर्माण
सेतु कार्ययोजना में पीलीभीत बाइपास से जुड़े बरखेड़ा क्षेत्र में भी एक स्थान पर नए बॉक्स कलवर्ट का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। इस तरह बाइपास और इससे जुड़े मार्गों पर कुल तीन स्थानों पर नए निर्माण किए जाएंगे। इससे केवल शहर के हिस्से को ही नहीं, बल्कि बरखेड़ा क्षेत्र की ओर जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
क्या होता है बॉक्स कलवर्ट, क्यों जरूरी है
लोक निर्माण विभाग के जानकारों के अनुसार, बॉक्स कलवर्ट सड़क के नीचे बनाया जाने वाला मजबूत आरसीसी ढांचा होता है, जिसके अंदर से बारिश, नाले या अन्य जलस्रोत का पानी गुजरता है। ऊपर से सड़क बनी होती है और उस पर वाहन चलते हैं, जबकि नीचे बने बॉक्सनुमा हिस्से से पानी निकलता रहता है। आसान शब्दों में कहें तो यह सड़क के नीचे बना छोटा पुल होता है, जो सड़क को मजबूत सहारा देने के साथ पानी की निकासी का रास्ता भी उपलब्ध कराता है। बॉक्स कलवर्ट का निर्माण इस तरह किया जाता है कि सड़क पर चलने वाले वाहनों का भार उसके ऊपर से गुजर सके और नीचे से पानी का प्रवाह बना रहे। जहां सामान्य पुलिया पुरानी, कमजोर या क्षमता के लिहाज से छोटी पड़ जाती है, वहां जरूरत के अनुसार बॉक्स कलवर्ट का निर्माण अधिक उपयोगी साबित होता है।
बारिश में जलभराव और सड़क टूटने का खतरा होगा कम
बाइपास मार्ग पर बॉक्स कलवर्ट बनने का सबसे बड़ा फायदा जल निकासी व्यवस्था को होगा। बारिश के दौरान यदि पानी का रास्ता पर्याप्त नहीं होता है तो पानी सड़क के आसपास जमा होने लगता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़क की सतह कमजोर होने लगती है और गड्ढे बनने की समस्या भी बढ़ सकती है। इसके अलावा जलभराव की वजह से वाहन चालकों को भी परेशानी होती है।
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वर्जन-
तीनों स्थानों पर बॉक्स कलवर्ट का निर्माण बाइपास मार्ग पर किया जाना है। इस काम के होने से सड़क के नीचे पानी की निकासी की व्यवस्था बेहतर होगी, वहीं दूसरी ओर पुरानी और क्षतिग्रस्त पुलियों की समस्या भी दूर होगी। इससे बाइपास पर वर्षभर आवागमन को सुगम बनाए रखने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में बढ़ते यातायात को देखते हुए यह निर्माण कार्य शहर की परिवहन व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। -
- संजीव कुमार जैन, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग
पीलीभीत बाईपास से गुजरते वाहन। संवाद