पीलीभीत। नगरपालिका बोर्ड की बैठक से पहले एक संविदा कर्मचारी के नशे में हंगामा करने का मामला दफ्तर के ही कुछ कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। ईओ की ओर से दी गई तहरीर पर बृहस्पतिवार रात एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। इसी बीच एक वीडियो भी वायरल हो गया है। इसमें यह बात निकलकर आ रही है कि हंगामा करने वाले संविदा कर्मचारी को शराब पीकर फाइलें जलाने के लिए 400 रुपये इकट्ठा करके बाबुओं ने दिए थे।
बृहस्पतिवार दोपहर नगरपालिका कार्यालय में संविदा सफाईकर्मी मोहल्ला नखासा निवासी विकास वाल्मीकि ने हंगामा किया था। गाली गलौज कर हंगामा करने के साथ ही उसने तोड़फोड़ कर कुछ अभिलेख जला दिए थे। रात को इसकी तहरीर मिलने पर एफआईआर भी सुनगढ़ी थाने में दर्ज कर ली गई थी। इस घटना के बाद अब चार लिपिकों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं। उन्हें लेकर सामने आ रहा है कि उन्हीं के द्वारा संविदा सफाई कर्मचारी को शराब के लिए रुपये दिए गए थे। ऐसे में उनकी मिलीभगत के संकेत मिल रहे हैं। कार्यालय के कई कर्मचारियों की मौजूदगी में एक व्यक्ति नशे में होने के बाद भी आसानी से कैसे भाग निकला। दफ्तर में फाइलें जली तो राख क्यों नहीं मिली। कुछ महत्वपूर्ण डाटा भी नष्ट करने की तैयारी की जा रही थी। ऐसी चर्चा भी नगरपालिका में तेज हो गई है। हालांकि पुलिस के सामने कुछ जिम्मेदारों ने उसी वक्त डाटा सुरक्षित होने की बात कही है। ऐसे में इसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। कुछ कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस और नगरपालिका के अधिकारियों की ओर से चल रही जांच अगर निष्पक्ष और सख्त रही तो कई की गर्दन फंस सकती है।
संविदा सफाई कर्मचारी विकास वाल्मीकि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कुछ संदिग्ध चीजें निकलकर आई हैं। उनको भी गहनता से दिखवाया जाएगा। विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। - अतर सिंह, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी