पूरनपुर। स्वच्छ भारत मिशन योजना से 33.67 लाख रुपये की लागत से बना मैटेरियल रिकवरी फैसलिटी (एमआरएफ) सेंटर लोकार्पण के दो साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है। नगर से निकलने वाले कूड़े को परिसर के अलावा सड़क किनारे डंप किया जाता है। कूड़े के ढेरों में कई दिनों से धुआं उठ रहा है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर से निकलने वाला कूड़ा पहले सड़कों केे किनारे डाला जाता था। इससे आवागमन करने वालों को दुर्गंध के चलते असुविधा होती थी। कूड़ा से कांच, प्लास्टिक आदि को अलग-अलग कर नगर पालिका की आय बढ़ाने को स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत करीब चार साल एमआरएफ सेंटर बनाने की कवायद शुरू हुई।
नगर से करीब तीन किलोमीटर दूर मुझा मार्ग पर 33.67 लाख रुपये की लागत से एमआरएफ सेंटर का निर्माण शुरू कराया गया है। निर्माण में मात्र दीवार उठाकर कुछ जगह में टीनशेड डाला गया। लोहे का गेट लगाया गया। बिना मशीनें लगाए इसका लोकार्पण दो अक्तूबर 2022 को आनन-फानन में कर दिया गया।
इसका संचालन अब तक शुरू नहीं किया गया। सेंटर में लगाया गया लोहे का गेट भी चोरी हो चुका है। परिसर में कूड़ा करीब तीन सालों से डाला जा रहा है। मुझा मार्ग किनारे तक डाले गए कूड़े की वजह से इस मार्ग से निकलने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कूड़ा के ढेर मेंं आग लगने से कई दिनों से धुआं निकल रहा है, मगर पालिका के जिम्मेदार बेपरवाह हैं।