चांदूपुर गांव में बाघ के हमले की घटना के बाद लगी भीड़।स्रोत:ग्रामीण
- 500 मीटर दायरे में घूम रहा बाघ, मंगलवार को एसडीओ ने मौका मुआयना कर परखी हकीकत
फोटो: 05
संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। जंगल से बाहर निकलकर चांदूपुर गांव की सीमा में डेरा जमाए बाघ की दहशत बढ़ती जा रही है। विभाग के निगरानी के दावों के बीच बाघ ने सोमवार रात खेतों में घूम रहे एक छुट्टा पशु को मार डाला। मंगलवार सुबह जानकारी के बाद गांव में दहशत फैल गई। सूचना पर सामाजिक वानिकी के अफसर भी मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई।
कलीनगर के गांव चांदूपुर में तीन दिन पूर्व से एक बाघ की मौजूदगी बनी हुई है। शनिवार रात बाघ ने गांव निवासी रंजीत सिंह के घर के निकट पहुंचकर पालतू गाय को मार दिया था। घटना के बाद से ही बाघ आबादी क्षेत्र के निकट गन्ने के खेतों में डेरा जमाए है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ की लगातार मौजूदगी बनी होने से खतरा है।
बाघ पांच सौ मीटर दायरे में चहलकदमी कर रहा है। इस वजह से खेतों की ओर जाने में डर लग रहा है। वन विभाग की ओर से निगरानी का कार्य किया जा रहा है। रंजीत सिंह के घर के बाहर जाल भी लगवाया गया। हालांकि, बाघ को खदेड़ने के कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
बाघ ने सोमवार रात भी एक छुट्टा पशु को मार दिया। मंगलवार को सामाजिक वानिकी के एसडीएम अंजनी कुमार ने टीम के साथ गांव पहुंचकर स्थिति को परखा। ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई। इसके बाघ की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
00
पांच वर्ष पूर्व भी बाघ ने गांव में फैलाया था आतंक
चांदूपुर गांव के लोगों का कहना है पांच साल पूर्व भी जंगल से बाहर निकलकर आए एक बाघ ने कई दिनों तक गांव की सीमा में डेरा जमाकर दहशत फैलाई थी। गन्ने के खेत के निकट पहुंची एक महिला को बाघ ने मार दिया था। विभाग ने बाघ को बेहोश कर पकड़ा था। अब फिर तीन दिन से बाघ लगातार आबादी के निकट डेरा जमाए हुए है।