पूरनपुर। मोहम्मदी के युवक की हत्या लेनदेन के विवाद पर जहर देकर की गई थी। बिसरा रिपोर्ट में जहर देकर हत्या की पुष्टि होने पर नामजद हत्यारोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में एक आरोपी की नामजदगी झूठी निकली। गिरफ्तार दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया।
लखीमपुर खीरी के थाना मोहम्मदी के गांव बेनी राजपुर निवासी इंद्रपाल का पुत्र प्रदीप (22) अपने दोस्त हरिकेश के साथ होली मिलने एक अप्रैल को क्षेत्र के गांव भगवतीपुर निवासी राजकुमार की बहन सुनीता के घर आया था। अगले दिन प्रदीप की तबीयत खराब होने पर मौत की जानकारी इंद्रपाल को मोबाइल पर दी गई थी। आरोप है कि रास्ते में गांव शेखापुर के समीप चार पहिया वाहन से मिले हरिकेश उर्फ रामखेलावन, उसके पिता सियाराम और शाहजहांपुर के थाना पुवायां के गांव पिपरी निवासी राजकुमार मिले। वे लोग प्रदीप की लाश को मौके पर फेंक कर भाग गए थे। इंद्रपाल का आरोप था कि सियाराम का उससे कोल्हू में साझा था। सियाराम पर चार लाख रुपये आ रहे थे। इसी रंजिश के चलते उक्त तीनों ने उसके पुत्र की गांव भगवतीनपुर में जहर देकर हत्या कर दी है। मोहम्मदी पुलिस को सूचना देकर प्रदीप का शव पोस्टमार्टम कराया गया था। मोहम्मदी पुलिस ने आठ अप्रैल को इंद्रजीत की ओर से हरिकेश, सियाराम और राजकुमार पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। घटना स्थल कोतवाली पूरनपुर क्षेत्र को होने पर मोहम्मदी में दर्ज रिपोर्ट की विवेचना पूरनपुर कोतवाली भेजी गई थी। विवेचक दरोगा नरेशपाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित किया गया था। बिसरा को विधि विज्ञापन प्रयोगशाला भेजा गया। बिसरा जांच में प्रदीप को जहर से मौत की पुष्टि हुई। नामजद आरोपी हरिकेश उर्फ रामखेलावन, राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि जांच में सियाराम आरोपी नहीं पाया गया। गिरफ्तार दोनों आरोपियों का मंगलवार को चालान कर दिया गया।