पीलीभीत। कोरोना से लड़ने में यहां पूरा सिस्टम ही लापरवाह है। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य उपकरण खरीदने के लिए चारों विधायकों ने मार्च के आखिरी हफ्ते में अपनी विधायक निधि से 10-10 लाख रुपये और एक महीने का वेतन दे दिया था। मगर, अफसरों ने 10 दिन से ज्यादा बीतने के बाद भी उपकरण खरीदना तो दूर, उनका ऑर्डर तक नहीं दिया। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने अब तक विधायक निधि से जरूरी उपकरण न खरीदने पर मुख्यमंत्री के सचिव और मंडलायुक्त से शिकायत की है।
मार्च में कोरोना संक्रमण के केस मिलने के बाद शहर विधायक संजय सिंह गंगवार, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत और पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान ने अपनी विधायक निधि से 10-10 लाख रुपए और एक दिन का वेतन प्रशासन को जरूरी स्वास्थ्य उपकरण खरीदने के लिए दिए थे। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने 12 लाख रुपये दिए थे। विधायक निधि की धनराशि देने के चारों विधायकों के पत्र प्रशासन को 31 मार्च तक जारी कर दिए गए थे। तबसे 10 दिन बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने विधायक निधि की रकम से मास्क, सैनिटाइजर, जांच किट और वेंटिलेटर जैसे उपकरण खरीदना तो दूर, अब तक इनको खरीदने का ऑर्डर तक जारी नहीं किया। यह हालात तब हैं, जबकि देश और प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जनपद में भी दो कोरोना संक्रमित मरीज पाए जा चुके हैं और पीलीभीत की सीमा उत्तराखंड के अलावा नेपाल से भी लगती है। वहीं जिले के स्वास्थ्यकर्मी इन उपकरणों को लेकर अपनी व्यथा सामने रख चुके हैं।
जरूरी स्वास्थ्य उपकरण खरीदने के लिए अब तक केवल अफसरों की कमेटी बन पाई है। यह कमेटी न तो यह तय कर पाई है कि क्या उपकरण खरीदने हैं और किससे खरीदने हैं। न ही किसी फर्म को जरूरी स्वास्थ्य उपकरण खरीदने के लिए ऑर्डर जारी हैं। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री के सचिव संजय प्रसाद और मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद से फोन पर शिकायत दर्ज कराई और कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए जरूरी स्वास्थ्य उपकरण खरीदने की दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाने की मांग की।
ये उपकरण खरीदे जाने हैं
वेंटिलेटर, ट्रिपिल लेयर मास्क, पीपीई किट, इन्फ्रारेड थर्मामीटर, डिफ्रीबिल्टर, वैडसाइट मॉनिटर (3 पैरा) एन-95 मास्क, लेटेक्स नाइट्रक्स ग्लब्स, पांच प्रतिशत सोडियम हाइपो क्लोराइड, डिस्पोजल बेडशीट आदि।
विधायकों ने यूं उतारा गुस्सा
मैंने अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपये और एक महीने का वेतन मार्च में ही दे दिया था। मैं इस संबंध में प्रशासन से बात करूंगा कि अब तक इस धनराशि से उपकरण क्यों नहीं खरीदे गए। -संजय सिंह गंगवार, विधायक शहर
फोटो- 10 पीबीटीपी- 16 किशनलाल राजपूत
मैंने इस संबंध में डीएम, सीडीओ और सीएमओ से फोन पर बात की तो बताया गया कि अफसरों की पांच सदस्यीय कमेटी जरूरी उपकरण खरीदने के लिए बनाई है। प्रशासन इस दिशा में बेहद लापरवाह और सुस्त है। -किशनलाल राजपूत, विधायक बरखेड़ा
मैंने अपनी विधायक निधि से 12 लाख रुपये 31 मार्च को ही दे दिए थे। मगर 10 दिन बीत गए। अब तक जरूरी सामान का ऑर्डर तक जारी नहीं किया गया। मैंने सीएम के प्रमुख सचिव और कमिश्नर से भी बात की है। -रामसरन वर्मा, विधायक बीसलपुर
कोरोना से लड़ने के लिए मैने अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपये मार्च में ही प्रशासन को दे दिए थे। उसका अब तक उपयोग करके जरूरी उपकरण खरीदे जाने चाहिए थे। इस समय किसी काम में देेरी नहीं करनी चाहिए। -बाबूराम पासवान, विधायक पूरनपुर
विधायक निधि से मिलने वाले बजट से खरीदे जाने वाले उपकरणों की सूची तैयार कर ली गई है। अब प्रशासन की अनुमति से सामान खरीदा जाएगा। विधायक निधि की धनराशि का पूरा सदुपयोग होगा। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ