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सोते समय पत्नी की गला काटकर हत्या, पति गिरफ्तार

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मृतका लीलावती की बड़ी बेटी साक्षी। - फोटो : PILIBHIT
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बीसलपुर। कोतवाली के गांव अमृता खास में पति ने सोमवार की रात गहरी नींद में सो रही पत्नी की गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस को बताया कि बदमाश उसकी पत्नी की हत्या करके भाग गए हैं। लेकिन पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में ही पति हत्यारा निकला। आरोपी पति को खून से सने फरसे समेत गिरफ्तार कर लिया है।
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थाना बरखेड़ा क्षेत्र के गांव डंडिया राझे निवासी पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन लीलावती का विवाह 14 वर्ष पहले बीसलपुर कोतवाली के गांव अमृता खास निवासी ज्ञानेंद्र गंगवार से किया था। लीलावती के तीन बच्चे भी हैं। बच्चों में 13 वर्षीय पुत्री साक्षी, 11 वर्षीय पुत्री मोहिनी और चार वर्षीय पुत्र हर्षित है। ज्ञानेंद्र शुरू से ही नशेड़ी था। प्रारंभ के कई वर्षों तक वह विवाह में कम दहेज मिलने का ताना देते हुए लीलावती का उत्पीड़न करता रहा। कुछ दिनों से वह काफी ज्यादा नशा करने लग गया था और नशे में लीलावती को काफी परेशान करने लगा। ज्ञानेंद्र के पास नौ बीघा जमीन थी। वह जमीन पर स्वयं खेती करता था। खेती के अलावा वह अन्य कोई काम नहीं करता था। वह लीलावती पर अपने मायके वालों से पैसे लाने का दबाव बनाता रहता। इसी मुद्दे को लेकर ज्ञानेंद्र अपनी पत्नी से आए दिन झगड़ता करता रहता। सोमवार को सुबह से रात 11 बजे तक वह अपनी पत्नी से झगड़ता रहा। 11 बजे लीलावती कमरे के अंदर सो गई और उसके तीनों बच्चे बरामदे में सो गए। ज्ञानेंद्र भी कमरे में अपनी चारपाई पर लेट गया। रात लगभग 12 बजे ज्ञानेंद्र ने फरसे से गहरी नींद में सो रही अपनी पत्नी 35 वर्षीय लीलावती की गला काटकर हत्या कर दी। पत्नी की हत्या करने के बाद ज्ञानेंद्र ने नल पर खून सने हाथ पैर धो डाले। खून सना फरसा मौके पर ही पड़ा रहा। उसके बाद ज्ञानेंद्र ने बरामदे में सो रहे अपने बच्चों को जगाकर बताया कि उनकी मां कि कोई हत्या कर गया है। उसके बाद ज्ञानेंद्र ने कोतवाली पुलिस को फोन कर बताया कि उसकी पत्नी की कोई हत्या कर गया है। सूचना मिलते ही कोतवाल नरेश त्यागी पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। पहले तो ज्ञानेंद्र ने पुलिस को यह कहकर गुमराह करने का प्रयास किया उसकी पत्नी की कोई हत्या कर गया है। मगर पुलिस के प्रश्नों के जवाब ज्ञानेंद्र नहीं दे पाया, जिससे स्पष्ट हो गया कि लीलावती की हत्या ज्ञानेंद्र ने ही की है। पुलिस ने मौके पर पड़ा खून से सना फरसा बरामद कर लिया। बच्चों ने पुलिस को बताया कि फरसा उन्हीं का है। बच्चों ने यह भी बताया कि उनके पिता ने दिन में ही फरसा ढूंढ कर रख लिया था। पुलिस ने शव सीलकर पोस्टमार्टम को भेज दिया और ज्ञानेंद्र को कोतवाली ले आई। सूचना मिलते ही मृतका के भाई पवन और रविंद्र रात मे ही कोतवाली आ गए। कोतवाल नरेश त्यागी ने बताया कि पवन की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, जिसमें ज्ञानेंद्र को नामजद किया गया है। सीओ प्रशांत सिंह ने कोतवाली आकर ज्ञानेंद्र से पूछताछ की और गांव जाकर घटनास्थल का भी निरीक्षण किया।
ज्ञानेंद्र नशे में धुत होकर परेशान करता था लीलावती को
गांव अमृताखास निवासी हत्यारोपी ज्ञानेंद्र कुमार की 13 वर्षीय पुत्री साक्षी ने बताया कि उनके पिता शराब नशे में धुत होकर आए दिन उनकी मां को परेशान करते थे। मां का पक्ष करने पर उनके पिता उन बच्चों को भी डांटते रहते थे। ज्ञानेंद्र ने सोमवार को सुबह से रात 11 बजे तक उनकी मां को काफी परेशान किया। रात 11 बजे बच्चे और लीलावती सो गए थे। ज्ञानेंद्र भी कमरे में अपनी चारपाई पर लेट गए थे। उसके बाद ज्ञानेंद्र ने साक्षी को जगाकर बताया था कि उनकी मां की कोई हत्या कर गया है। साक्षी ने यह भी बताया कि उनके पिता ने हाथों में दस्ताने पहनकर उनकी मां की हत्या की है, जिससे फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट द्वारा निशान लिए जाने पर उनके हाथों के निशान न आ जाएं। पुलिस ने वे दस्ताने भी कब्जे में ले लिए।
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ज्ञानेंद्र ने कबूल किया अपना जुर्म
कोतवाल नरेश त्यागी ने बताया कि हत्यारोपी ज्ञानेंद्र ने अपने जुर्म का इकबाल कर लिया है। ज्ञानेंद्र का चालान बुधवार को किया जाएगा।
ज्ञानेंद्र दूसरे नंबर का था अपने भाइयों में
ज्ञानेंद्र अपने भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसके बड़े भाई अजय और छोटे भाई सोनू भी खेती करते हैं। तीनों के हिस्से में नौ-नौ बीघा जमीन है। उनके पिता जमुना प्रसाद सेवानिवृत्त बेसिक शिक्षक है। वह अपने छोटे पुत्र सोनू के साथ रहते हैं। जमुना प्रसाद को 30 हजार रुपये पेंशन मिलती है। वह अपने तीनों पुत्रों को पेंशन मिलते ही 10-10 हजार रुपये दे देते थे। ज्ञानेंद्र अपने बच्चों और पत्नी के साथ दूसरे मकान में रहता है।
साक्षी बोली: मामा.. पापा ने मम्मी को मार डाला मुझे डर लग रहा
जीवन में कितने ही संकट आ जाएं मगर सभी मां बाप अपने बच्चों को खुश देखना चाहते हैं। लेकिन यहां अमृता गांव में एक पिता ऐसा निकला, जिसने सो रही पत्नी की फरसा से गर्दन काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने खून से सने कपड़ों को उतारा और नहा धोकर अपने बच्चों को जगाकर कहा उठो बच्चों तुम्हारी मम्मी को किसी ने मार डाला। चौंककर बच्चे उठे तो चीख निकल गई। बस मामा को फोन पर इतना ही बता सके, कि मामा... पापा ने मम्मी को मार डाला मुझे डर लग रहा है।
मृतका लीलावती के भाई पवन कुमार ने बताया के बहन की शादी 2006 में हुई थी। शुरू से ही बहन को परेशान किया जा रहा था। सोमवार शाम को भी छोटा भाई रविंद्र कुमार और पिता सेवाराम को झगड़ा की बात कहकर बुलाया था। पहुंचने पर बहनोई ने कोई बात किए बिना ही भगा दिया। करीब साढ़े नौ बजे पिता और भाई लौट गए। इसके बाद करीब दो बजे बड़ी भांजी साक्षी का मझले भाई अरुण के पास फोन आया। फोन पर रोते हुए उसने बताया कि मामा... पापा ने मम्मी को मार डाला है। अब मुझे भी डर लग रहा है। वह इतनी डरी हुई थी कि दूसरी कोई बात नहीं कह पाई। मां के शव के पास डर के कारण रो भी नहीं सकी। रात तीन बजे जब परिवार वाले बहन के यहां पहुंचे, तो बंद कमरे में बहन का शव पड़ा था। बच्चे कमरे के बाहर सिसक रहे थे। 13 साल की मासूम साक्षी, सात साल की टुनटुन, चार साल का छोटू इतना डरा हुआ था कि उनकी सही से आवाज नहीं निकल पा रही थी। मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठाने से सभी की आंखें नम थी।

गांव अमृता खास में रोती बिलखतीं महिलाएं। संवाद- फोटो : PILIBHIT

 

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